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बहराइच महायोजना 2031 के प्रारूप पर व्यापार मंडल ने दीं अपनी आपत्तियां एवं सुझाव

बहराइच महायोजना 2031 के प्रारूप पर व्यापार मंडल ने दीं अपनी आपत्तियां एवं सुझाव*

*शहर की सम्पत्ति अधिग्रहण पर बाजार दर से चार गुना मुआवजे की रखी मांग*

*बहराइच शहर से हुजूरपुर, नानपारा आदि मुख्य मार्गों पर 10 किलोमीटर व दाएं बाएं 500 मीटर तक कृषि की बजाय व्यवसायिक व आवासीय विकल्प देने की मांग*

*संवेदनशील होकर प्रशासन करे फैसला*

बहराइच 4 जुलाई। बहराइच महायोजना 2031 (प्रारुप) के विषय में व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी मोनिका रानी व नगर मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर से मिलकर अपनी आशंकाओं व सुझावों से संबंधित ज्ञापन दिया है। व्यापार मंडल ने ज्ञापन की प्रतियां मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ व मुख्य सचिव को भी प्रेषित की हैं।

उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष दीपक सोनी दाऊजी ने बताया कि महायोजना 2031 (प्रारूप) को लेकर व्यापार मंडल सन् 2022 से शासन, प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से अपनी आपत्तियां, आशंकाएं व सुझाव दर्ज कराता रहा है। पहले भी हम कई बार ज्ञापन देकर व प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर व बैठकों में अपनी बात रख चुके हैं। उक्त पत्र मूल रूप से उन्हीं बातों का अनुस्मारक जैसा है।
सोनी ने बताया कि गुरुवार को दिए गए पत्र में हमने अपने पूर्व में दिए गए ज्ञापनों के पुर्नावलोकन का आग्रह किया है। व्यापार मण्डल ने शासन से बताया था कि महायोजना की विवरण पुस्तिका में दर्ज प्रस्ताव त्रुटिपूर्ण व भ्रामक थे तथा बाजार के मार्गों की दर्ज माप मौके पर वास्तविक माप से भिन्न थी। 2022 में व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने स्वयं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगकर लगातार तीन दिन तक बाजारों की वास्तविक स्थलीय भौतिक माप कराई थी।
दाऊजी ने बताया कि “4 जुलाई के पत्र में हमने मांग रखी है कि यदि शहर में कहीं पर वास्तविक प्रतिष्ठान, भवन अधिग्रहण की नौबत आये अथवा नव निर्माण हेतु वास्तविक हद से पीछे हटना पड़े तो उसका बाजार दर से कम से कम चार गुना मुआवजा दिये जाने का प्राविधान हो।”
उन्होंने कहा कि “शहर से हुजूरपुर- करनैलगंज, नानपारा- नेपालगंज जाने वाले मुख्य मार्गों सहित अन्य मार्गों को कृषि क्षेत्र घोषित करने से इन क्षेत्रों का विकास रुक गया है। हमने मांग की है कि शहर से बाहर को जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर 10 कि. मी. तक सड़क के दायें और बायें 500 मीटर अन्दर तक औद्योगिक/व्यवसायिक/आवासीय विकल्प वाला क्षेत्र घोषित हो। इनमें कुछ सड़कें कृषि क्षेत्र घोषित हैं जिस कारण यहां व्यापार करने में तमाम बाधाएं आ रही हैं।”
महामंत्री आशीष कंसल ने कहा कि “पत्र में लिखा गया है कि संलग्न पूर्व में दिये गये ज्ञापनों एवं इस ज्ञापन में दर्ज समस्त विषयों का संवेदनशील होकर इस दृष्टिकोण से निराकरण हो कि अपने परिवारों का भरण-पोषण कर रहे हजारों मध्यम व निम्न वर्गीय व्यापारी भुखमरी की कगार पर ना आ जायें।”

गौरतलब है कि बहराइच व्यापार मंडल बीते दो सालों से लगातार महायोजना 2031 के प्रारूप को त्रुटिपूर्ण व भ्रामक तथ्यों के आधार पर बना हुआ बताकर इसे खारिज करता आया है और अपना विरोध दर्ज कराता रहा है।
इसी क्रम में 4 जुलाई को ज्ञापन देने वाले व्यापार मंडल पदाधिकारियों में कार्यकारी जिलाध्यक्ष कुलभूषण अरोरा, जिला महामंत्री बृजमोहन मातनहेलिया, नगर अध्यक्ष दीपक सोनी ‘दाऊजी’, नगर महामंत्री आशीष कंसल व कोषाध्यक्ष सुमित खन्ना तथा अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

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