
हिंदी पखवाड़ा 2025 का समापन, विजेताओं को सम्मानलखनऊ, 01 अक्टूबर।भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, उत्तरी क्षेत्र लखनऊ एवं राज्य इकाई उत्तर प्रदेश द्वारा संयुक्त रूप से 14 से 30 सितम्बर तक हिंदी पखवाड़ा 2025 का आयोजन किया गया।

इस दौरान काव्य पाठ, निबंध लेखन, आशु भाषण, प्रश्नोत्तरी और टंकण जैसी प्रतियोगिताएँ कराई गईं।समापन समारोह 30 सितम्बर को उत्तरी क्षेत्र मुख्यालय, अलीगंज, लखनऊ में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री राजेन्द्र कुमार, अपर महानिदेशक एवं विभागाध्यक्ष, उत्तरी क्षेत्र ने की। इस अवसर पर श्री शंभूनाथ भगत, उपमहानिदेशक एवं क्षेत्रीय मिशन प्रमुख, श्री ओमप्रकाश, निदेशक एवं राजभाषा अधिकारी (उत्तरी क्षेत्र) तथा श्री गर्वेश राज, निदेशक एवं राजभाषा अधिकारी (राज्य इकाई उत्तर प्रदेश) सहित वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।समारोह में ‘भूसंदेश’ (अंक 12) एवं ‘वसुंधरा’ (अंक 01) गृह पत्रिकाओं का लोकार्पण किया गया।

साथ ही डॉ. रत्नेश सिंह चंदेल एवं श्री रतन कर की पुस्तक ‘प्रदूषण : प्रभाव, कारण एवं निवारण’ तथा डॉ. वी.के. शर्मा की पुस्तक ‘भूवैज्ञानिक आपदाएँ’ का विमोचन भी किया गया।इस अवसर पर हिंदी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और निर्णायक मंडल व आयोजन समिति के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया।अपने संबोधन में श्री राजेन्द्र कुमार ने कहा कि हिंदी का प्रयोग केवल पखवाड़े तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरे वर्ष कार्यालयीन कार्यों में इसका अधिकाधिक उपयोग होना चाहिए।



