
लखनऊ में फ़ख़्र-ए-हिंदुस्तान के बैनर तले कवि सम्मेलन व मुशायरा
लखनऊ। आलमबाग स्थित सीज़ार स्पोर्ट्स क्लब में फ़ख़्र-ए-हिंदुस्तान के बैनर तले भव्य मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर डॉ. मख़मूर काकोरवी ने की।
इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध नसर निगार जनाब अब्दुस्समी साहब मौजूद रहे। उन्होंने इस मुशायरे को “ऐसा चराग़” बताया, जिससे अनेक नए चराग़ जलते रहेंगे।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मख़मूर काकोरवी ने नवोदित शायरों को सलाह दी कि वे उर्दू पढ़ें और सही उच्चारण पर ध्यान दें, क्योंकि उर्दू की समझ के बिना हिन्दी और अंग्रेज़ी का उच्चारण भी सही नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम नए लेखकों और कवियों को प्रेरणा व प्रोत्साहन देते हैं।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में काविश रदौलवी, इशरत सगीर, इलियास चिश्ती, यासीन इब्न उमर, शोहर गोंडवी, शगुफ़्ता अंजुम, सना लहरपुरी और गुड्डू नेता सहित कई कवियों और शायरों ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं।
कार्यक्रम का संचालन आसिम काकोरवी ने किया, जबकि कृतज्ञता ज्ञापन आरिफ़ अलवी ने व्यक्त किया।
इस साहित्यिक संध्या में श्रोताओं ने डॉ. मख़मूर काकोरवी, काविश रदौलवी, इशरत सगीर, इलियास चिश्ती, यासीन इब्न उमर, आसिम काकोरवी, सना लहरपुरी और शगुफ़्ता अंजुम की रचनाओं को विशेष रूप से सराहा।
इसके अलावा संदीप राठौर, शाद वारसी, मोहम्मद हुसैन अर्श, इमरान अहमद, आलम आज़ाद, उमर ख़ान नानपारवी, नीरज सिंह, नाज़िया सैयद, अहमद उमर, हसशाम तअज्जुब, विश्वदीप, शाज़िया ख़ान लखनवी, अनिल प्रोक्ता, डॉ. तसनीम फातमा, रियान नेपाली, कुमारी आरवी सिंह, नाज़िम असीर, कलीम ख़ान बहराइची, नटखट कवि, श्वेता गुप्ता नूर और नसीमा लखनवी ने भी अपना काव्य पाठ किया।
कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा और कविताओं-ग़ज़लों की प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने ख़ूब तालियाँ बजाकर कवियों का उत्साहवर्धन किया।



