
सिंचाई विभाग में लघु उद्योग की तरह स्थानांतरण नीति से पृथक सैंकड़ों सहायक अभियंताओं के स्थानांतरण हेतु भेजा गया प्रस्ताव,रोष व्यापत
👉🏻 सिंचाई विभाग के सहायक अभियंताओं में स्थानांतरण पर घोर विरोध,पूर्वाधिकारी पर लगे धन उगाही के आरोप
तेजस भारत समाचार
अखिलेश श्रीवास्तव
लखनऊ।सिंचाई विभाग में थोक के भाव किए गए स्थानांतरण पर धांधली का आरोप नियम विरुद्ध नो सौ तीस सहायक अभियंता के स्थानांतरण नियम को राख पर रखकर जबरदस्त वसूली किए जाने का आरोप है इस संबंध में मुख्यमंत्री को कर्मचारी संघ ने एक शिकायती पत्र भी दिया है जिसमे गंभीर आरोप लगाए गए है।
नाम नही छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि सिंचाई और जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश साठ प्रतिशत सहायक अभियंताओ के प्रस्ताव स्थानांतरण नीति 24-25 के खिलाफ शासन को भेजा गया है।जिसमे सर्वाधिक समय से कार्यरत अधिकारियों को पहले स्थानांतरित करने का प्रस्ताव तैयार कर स्थानांतरण करने का पालन नहीं किया गया है।
विभाग में कार्यरत अधिकारियों की संख्या से अधिकतम बीस प्रतिशत स्थानांतरण का पालन नहीं किया गया है।
पहले अधिकतम समय से कार्यरत बीस प्रतिशत सहायक अभियंताओं के स्थानांतरण विभागीय स्तर से करते हुए यदि आवश्यक हो तो बीस प्रतिशत बाद की अतिरिक्त स्थानांतरण की सूची शासन को अनुमति हेतु प्रेषित किए जाने का पालन नहीं किया गया है।
बाढ़ कार्य से संबंधित संवेदन शील खंडों से शत प्रतिशत अनुभवी सहायक अभियंताओं को स्थानांतरित करते हुए अनुभवहीन सहायक अभियंताओं को पदस्थापित किया जाना संभावित बाढ़ में किसी अनहोनी पर संभालना मुश्किल होगा।बाढ़ प्रभावित इलाके में जान जोखिम डालने के बराबर है।
सिंचाई विभाग की महत्वपूर्ण परियोजनाओं से अधिकांश अनुभवी सहायक अभियंताओं को हटाने और अनुभव हीन अभियंताओं को पदस्थापित करने का प्रस्ताव भेजा जाना बाढ़ में सही नही लगता है।
सिंचाई विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा डिग्री और डिप्लोमा होल्डर के बीच वैमनस्य स्थापित करने की कोशिश की झलक दिखाई देती है।
सिंचाई विभाग में मार्च 2024 में हुए काउंसिल में लगभग एक सौ बीस उप खंड रिक्त छोड़ दिए गए तथा तीन सौ पचास अभियंताओं को अकार्यकारी स्थानों पर संबद्ध किया गया।इसे विकाश कार्य।प्रभावित होंगे और सरकार की छबि भी धूमिल होगी।
सिंचाई विभाग में इतने बड़े पैमाने पर हुए काउंसिल के बाद स्थानातरण विचाराधीन होने से अभियंताओं में उहापोह स्थित होने से अभियंताओं में उहापोह की स्थिति बनी है।
सिंचाई विभाग में इस बार हुए स्थानांतरण में मुख्यमंत्री से शिकायती पत्र भेजकर जांच करवाने ब स्थानांतरण नीति से अनुरूप सहायक अभियंताओं के।स्थानांतरण करने की मांग की गए है लेकिन सब मनमाने तरीके से कर कराकर इतिश्री की जा रही है।स्थानांतरण नीति के विरुद्ध नियम को राख पर लघु उद्योग की तरह स्थानांतरण आदेश को अमलीजामा पहनाने का पुरजोर कोशिश की जा रही है शासन में भेजा गया प्रस्ताव नियम संगत नहीं है पुनः प्रस्ताव या पुनर्विचार कर स्थानांतरण नीति के तहत स्थानांतरण किया जाना चाहिए अभी तो बहुत से आरोप लग रहे है।



