Gold Silver Price Down: औंधे मुंह गिरा सोना, चांदी की चमक भी पड़ी फीकी; जानें क्या है आपके शहर में मंदी की बड़ी वजह
वैश्विक बाजार से आ रहे बड़े आर्थिक संकट और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सर्राफा बाजार से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते सोने का भाव पिछले दो महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, भारत में बकरीद के त्योहार के मौके पर देश के अधिकांश घरेलू सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) बंद हैं, लेकिन इंटरनेशनल मार्केट में आई इस बड़ी गिरावट का असर आने वाले दिनों में भारतीय बाजारों पर भी साफ तौर पर देखने को मिलेगा। सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी कटौती देखी गई है, जिसने खरीदारों को हैरान कर दिया है।
अमेरिकी हमलों के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ा भारी तनाव, क्रूड ऑयल में लगी आग
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस मंदी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य टकराव है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के एक रणनीतिक सैन्य ठिकाने पर नए हवाई हमले किए हैं। इस हमले के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी सेना और व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा काफी ज्यादा बढ़ गया है। यह सैन्य कार्रवाई तब हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि इस बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग पर यातायात बहाल करने के लिए कोई समझौता हुआ है। इस युद्ध जैसे हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में अचानक भारी उछाल आया है, जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था में महंगाई बढ़ने की आशंका को और गहरा कर दिया है।
डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती, 2 महीने के निचले स्तर पर फिसला स्पॉट गोल्ड
इस वैश्विक उठापटक के बीच गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड (हाजिर सोना) की कीमतों में 1.1% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद सोना गिरकर 4,406.81 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया। यह पिछले दो महीनों का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। केवल सोना ही नहीं, बल्कि स्पॉट सिल्वर (हाजिर चांदी) भी 1.7% की कमजोरी के साथ टूटकर 73.34 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने की कीमतों में गिरावट की एक अन्य प्रमुख वजह अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है। डॉलर इंडेक्स में आई इस तेजी के कारण अन्य विदेशी मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए डॉलर में बिकने वाला सोना काफी महंगा हो गया है, जिससे इसकी मांग में कमी आई है। अन्य कीमती धातुओं की बात करें तो प्लैटिनम 0.5% गिरकर 1,909.15 डॉलर और पैलेडियम 0.7% कमजोर होकर 1,381.64 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बयानों ने बढ़ाई बाजार की बेचैनी, ब्याज दरों पर सस्पेंस बरकरार
तेल की बढ़ती कीमतों और बढ़ती महंगाई के बीच अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) के अधिकारियों के बयानों ने निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक ने संकेत दिए हैं कि केंद्रीय बैंक को फिलहाल कम अवधि की ब्याज दरों में कोई जल्दबाजी में बदलाव नहीं करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि नए टैरिफ, ईरान संघर्ष और एआई (AI) सेक्टर में हो रहे भारी निवेश से बाजार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है, और अगर जरूरत पड़ी तो ब्याज दरों में दोबारा बढ़ोतरी की जा सकती है। वहीं, फेड के फिलिप जेफर्सन ने मौजूदा सख्त मौद्रिक नीति को महंगाई के जोखिमों को देखते हुए बिल्कुल सही ठहराया है। अब पूरी दुनिया के निवेशकों की नजरें आज देर शाम जारी होने वाले अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) डेटा पर टिकी हैं, जो फेड की भविष्य की नीति का रुख तय करेगा।
जानिए सोने का अगला अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर, कहां तक जा सकते हैं भाव?
कमोडिटी बाजार के जाने-माने एक्सपर्ट और एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के मुताबिक, वर्तमान में कॉमेक्स (COMEX) पर गोल्ड मुख्य रूप से 4,500 डॉलर से 4,540 डॉलर के सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। उन्होंने निवेशकों को सलाह देते हुए बताया कि सोने के लिए तत्काल रेजिस्टेंस लेवल 4,560 डॉलर से 4,600 डॉलर के बीच बना हुआ है। अगर सोना इस स्तर के पार निकलकर टिकने में कामयाब होता है, तभी बाजार में नई तेजी आएगी और भाव 4,660 डॉलर से 4,700 डॉलर प्रति औंस तक जा सकते हैं। वहीं, अगर गिरावट की बात करें तो सोने को तत्काल मजबूत सपोर्ट 4,500 डॉलर से 4,460 डॉलर पर मिल रहा है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना इस सपोर्ट लेवल को तोड़कर नीचे बंद होता है, तो यह मंदी और ज्यादा गहरा सकती है तथा कीमतें गिरकर 4,400 डॉलर से 4,350 डॉलर के स्तर तक भी लुढ़क सकती हैं।