LIC Share Price: अचानक 50% टूटकर 410 रुपये पर आया LIC का शेयर, क्या कंगाल हुए निवेशक या मिला बंपर फायदा? जानें इस गिरावट का असली गणित
वैश्विक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिल रहा है। इस उठापटक के माहौल के बीच शुक्रवार को देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी (LIC) के शेयरों ने हर किसी को चौंका दिया। सुबह बाजार खुलते ही एलआईसी के स्टॉक में अचानक 50 फीसदी तक की भीषण गिरावट दर्ज की गई। जो शेयर बीते बुधवार को बाजार बंद होने पर 830 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, वह शुक्रवार को अचानक गिरकर सीधे 410 रुपये के आसपास आ गया। इस अचानक आई बड़ी गिरावट को देखकर आम रिटेल निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया कि कहीं उनका पैसा डूब तो नहीं गया। लेकिन आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि इसके पीछे कंपनी का एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक है। आइए समझते हैं कि आखिर एक ही दिन में शेयर आधा क्यों हो गया।
कंगाल नहीं बल्कि मालामाल हुए निवेशक, 1:1 बोनस इश्यू के एडजस्टमेंट का है पूरा खेल
एलआईसी के शेयरों में आई यह 50 फीसदी की गिरावट कोई नुकसान या बिकवाली की वजह से नहीं है, बल्कि यह कंपनी के 1:1 बोनस इश्यू (Bonus Issue) के एडजस्ट होने के कारण हुआ है। सरल शब्दों में कहें तो कंपनी के शेयर अब पहले के मुकाबले आधे दाम पर यानी 50 प्रतिशत से ज्यादा सस्ते हो गए हैं। दरअसल, अप्रैल के महीने में एलआईसी के बोर्ड ने एक मेगा प्लान को मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत तय रिकॉर्ड डेट तक हर योग्य शेयरहोल्डर के पास मौजूद 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक पूरी तरह से पेड-अप इक्विटी शेयर के बदले, 10 रुपये का ही एक और नया इक्विटी शेयर बिल्कुल मुफ्त यानी बोनस के तौर पर दिया जा रहा है। कंपनी ने जानकारी दी थी कि वह 31 दिसंबर, 2025 तक उपलब्ध अपने कुल रिजर्व और सरप्लस (जो करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये था) में से 6,325 करोड़ रुपये तक की भारी-भरकम पूंजी का इस्तेमाल करके इस बोनस शेयर को जारी कर रही है।
21 लाख से ज्यादा शेयरहोल्डर्स को पहली बार मिला बोनस, शुक्रवार को थी रिकॉर्ड डेट
एलआईसी ने अपने इस ऐतिहासिक 1:1 बोनस इश्यू के लिए 29 मई 2026 (शुक्रवार) की तारीख को रिकॉर्ड डेट (Record Date) के रूप में तय किया था। आपको बता दें कि मई 2022 में शेयर बाजार में एक भव्य लिस्टिंग के बाद से इस सरकारी बीमा दिग्गज द्वारा अपने 21 लाख से ज्यादा शेयरहोल्डर्स के लिए घोषित किया गया यह अब तक का पहला बोनस इश्यू है। हालांकि, इससे पहले कंपनी ने अपने निवेशकों को खुश रखते हुए अब तक 5 बार अंतरिम डिविडेंड (लाभांश) की घोषणा जरूर की है, लेकिन फ्री शेयर बांटने का यह पहला मौका है। इस कॉर्पोरेट एक्शन के कारण रिकॉर्ड डेट पर शेयर की कीमत आधी हो जाती है और निवेशकों के शेयरों की संख्या दोगुनी हो जाती है।
जानिए कौन-कौन से निवेशक हैं इस फ्री बोनस शेयर को पाने के असली हकदार
नियमों के मुताबिक, सिर्फ वही शेयरहोल्डर इस फ्री बोनस शेयर को पाने के पात्र या योग्य माने जाएंगे, जिनके डीमैट अकाउंट में शुक्रवार (29 मई) तक एलआईसी के शेयर मौजूद रहे होंगे। सेबी (SEBI) के वर्तमान T+1 सेटलमेंट नियम के अनुसार, निवेशकों को कंपनी के शेयर रिकॉर्ड डेट से कम से कम एक ट्रेडिंग दिन पहले खरीदने होते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि रिकॉर्ड डेट के दिन शेयर उनके डीमैट अकाउंट में क्रेडिट हो जाएं। गौरतलब है कि 28 मई (गुरुवार) को देश भर में बकरीद (ईद-उल-अजहा) के त्योहार के कारण शेयर बाजार में कोई ट्रेडिंग नहीं हुई थी और अवकाश था। इस लिहाज से एलआईसी के बोनस शेयर पाने के लिए स्टॉक खरीदने की असल और अंतिम तारीख 27 मई (बुधवार) थी। जिन लोगों ने बुधवार या उससे पहले शेयर खरीदे हैं, उन्हें ही यह मुफ्त शेयर मिलेंगे।
क्या होता है बोनस इश्यू और इससे शेयर की सेहत पर क्या असर पड़ता है?
शेयर बाजार की भाषा में समझें तो बोनस इश्यू के तहत कोई भी कंपनी अपने संचित रिजर्व (कमाई के हिस्से) में से अपने मौजूदा शेयरधारकों को मुफ्त में शेयर बांटती है। बाजार में इसे आमतौर पर कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति, बेहतर कैश फ्लो और भविष्य में विकास की बेहतरीन संभावनाओं के एक बड़े संकेत के रूप में देखा जाता है। बोनस शेयर जारी होने से बाजार में कंपनी के कुल बकाया शेयरों (Outstanding Shares) की संख्या तो बढ़ जाती है और प्रति शेयर की कीमत आनुपातिक रूप से कम हो जाती है, लेकिन इससे कंपनी के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) में कोई बदलाव नहीं आता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि स्टॉक सस्ता होने से बाजार में इसकी लिक्विडिटी बढ़ जाती है और छोटे बजट वाले नए निवेशकों के लिए इसे खरीदना काफी आसान और किफायती हो जाता है।