रसोई गैस की किल्लत का अब पक्का इलाज! देश के भीतर ही तैयार होगा आपातकालीन एलपीजी स्टॉक

रसोई गैस की किल्लत का अब पक्का इलाज! देश के भीतर ही तैयार होगा आपातकालीन एलपीजी स्टॉक

देश में रसोई गैस यानी एलपीजी (LPG) की आपूर्ति को पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद अहम और दूरदर्शी फैसला लिया है। अक्सर विदेशी बाजारों से होने वाले आयात पर निर्भरता के कारण आपूर्ति बाधित होने का खतरा बना रहता है।

आपातकालीन स्थिति में देश की घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने पहली बार देश की प्रमुख रिफाइनरी और गैस उत्पादक कंपनियों के लिए अतिरिक्त उत्पादन का लक्ष्य तय कर दिया है।

21 कंपनियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी इस नई व्यवस्था के तहत देश भर की 21 रिफाइनरी और अपस्ट्रीम कंपनियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे संकट के समय अतिरिक्त एलपीजी उत्पादन के लिए पूरी तरह तैयार रहें। इन सभी कंपनियों को मिलाकर कुल 63,810 टन प्रतिदिन उत्पादन क्षमता का लक्ष्य सौंपा गया है।

यह साफ किया गया है कि यह कोई रोजमर्रा का आदेश नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था विशेष रूप से आपातकाल के लिए बनाई गई है। जब कभी अंतरराष्ट्रीय कारणों से देश में एलपीजी की आपूर्ति में रुकावट आएगी, तब सरकार इन कंपनियों को उनके निर्धारित कोटे के अनुसार तुरंत उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दे सकेगी।

विदेशी आयात पर निर्भरता घटाने की रणनीति

भारत अपनी कुल एलपीजी खपत का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है। ऐसे में यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई तनाव पैदा होता है या समुद्री व्यापारिक मार्गों में किसी प्रकार की बाधा आती है, तो उसका सीधा असर देश के रसोईघरों तक पहुंचने वाली गैस पर पड़ सकता है। इसी कड़वे अनुभव से सीख लेते हुए सरकार ने इन-हाउस (घरेलू) क्षमता को मजबूत करने का यह खाका तैयार किया है, ताकि किसी भी आपदा या संकट के समय देश के भीतर ही पर्याप्त गैस का उत्पादन कर आयात के झटकों से बचा जा सके।

रिलायंस को मिला सबसे बड़ा टारगेट

सरकार द्वारा तय किए गए इस मास्टरप्लान में निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियों को उनके सामर्थ्य के अनुसार लक्ष्य दिए गए हैं:

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज: जामनगर स्थित घरेलू बाजार के लिए काम करने वाली रिलायंस की रिफाइनरी को सबसे बड़ा लक्ष्य मिला है। जरूरत पड़ने पर यहां से प्रतिदिन 18,000 टन तक एलपीजी का उत्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

  • अन्य कंपनियां: इसके अलावा नायरा एनर्जी, ओएनजीसी (ONGC) और गेल (GAIL) जैसी दिग्गज कंपनियों को भी उनकी क्षमता के आधार पर जिम्मेदारी सौंपी गई है।