आरबीआई की हरी झंडी मिलते ही रॉकेट बना यह चर्चित शेयर, निवेशकों में मची लूट, क्या आपके पास है यह स्टॉक...

आरबीआई की हरी झंडी मिलते ही रॉकेट बना यह चर्चित शेयर, निवेशकों में मची लूट, क्या आपके पास है यह स्टॉक...

भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों फिनटेक कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। मंगलवार 26 मई 2026 को सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन फिनटेक सेक्टर की जानी-मानी कंपनी वन मोबिक्विक सिस्टम्स लिमिटेड (One MobiKwik Systems Ltd) के शेयरों ने बाजार में तहलका मचा दिया। कंपनी के शेयरों में देखते ही देखते करीब 8% तक की तूफानी बढ़त दर्ज की गई। मोबिक्विक के स्टॉक में आई इस जोरदार तेजी की मुख्य वजह बैंकिंग रेगुलेटर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से मिली एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी है, जिसके बाद निवेशकों ने इस शेयर को खरीदने के लिए होड़ मचा दी।

रिजर्व बैंक से मिली यह बड़ी मंजूरी, अब ऑफलाइन मार्केट में मचेगा धमाल

मोबिक्विक के लिए जो सबसे बड़ी गुड न्यूज आई है, वह यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने कंपनी को 'पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007' के तहत 'पेमेंट एग्रीगेटर – फिजिकल' (PA-P) के तौर पर काम करने के लिए अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण लाइसेंस के मिलने के बाद कंपनी ने शेयर बाजारों को सूचित किया कि इस मंजूरी से अब उसे पूरे भारत में अपने ऑफलाइन मर्चेंट पेमेंट कारोबार का बड़े स्तर पर विस्तार करने में मदद मिलेगी। साथ ही कंपनी अपनी मर्चेंट अधिग्रहण रणनीति को और अधिक तेज कर सकेगी।

वित्त वर्ष 2028 तक मर्चेंट कारोबार में 10 गुना वृद्धि का है बड़ा प्लान

इस बड़ी कामयाबी पर बेहद उत्साहित नजर आ रहे मोबिक्विक के को-फाउंडर, एमडी और सीईओ बिपिन प्रीत सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में ऑफलाइन मर्चेंट पेमेंट सबसे मजबूत और तेजी से बढ़ने वाले सेक्टर्स में से एक के रूप में उभर रहा है। आरबीआई से मिला यह नया लाइसेंस पूरे देश में हमारे मर्चेंट पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने की क्षमता को कई गुना मजबूत करता है। इस रणनीतिक विकास के दम पर हम वित्त वर्ष 2028 तक अपने मर्चेंट बिजनेस में 10 गुना (10x) की भारी वृद्धि हासिल करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

लो लेवल से संभला शेयर, जानिए क्या है इसका 52 हफ्ते का हाई और लो

अगर इस शेयर के आज के परफॉर्मेंस की बात करें तो वन मोबिक्विक सिस्टम्स लिमिटेड का शेयर 191.25 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले बढ़कर 205.60 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले कुछ महीनों के रिकॉर्ड को देखें तो मार्च 2026 में यह शेयर गिरकर 151.95 रुपये के स्तर तक चला गया था, जो कि इस स्टॉक के 52 हफ्ते का सबसे निचला स्तर (Low Level) है। वहीं, अगर इसके 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर (High Level) की बात करें, तो वह 333.95 रुपये का है, जिसे शेयर ने पिछले साल सितंबर के महीने में छुआ था।

अप्रैल में मिला था एनबीएफसी का लाइसेंस, इन सेक्टर्स पर है मुख्य फोकस

मोबिक्विक के लिए पिछले कुछ महीने बिजनेस विस्तार के लिहाज से बेहद शानदार रहे हैं। इससे पहले अप्रैल के महीने में कंपनी को आरबीआई से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) का लाइसेंस भी मिल चुका है। इस लाइसेंस के मिलने के बाद कंपनी अपनी पूर्ण-स्वामित्व वाली सहायक इकाई 'मोबीक्विक फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' (MFSPL) के जरिए कर्ज देने (लेंडिंग) का एक नया और बड़ा कारोबार शुरू करने जा रही है। वर्तमान समय में मोबिक्विक यूपीआई क्यूआर कोड (UPI QR), साउंडबॉक्स और ईडीसी (EDC) मशीनों के जरिए करीब 4.9 मिलियन यानी 49 लाख से अधिक मर्चेंट्स के नेटवर्क को अपनी सेवाएं दे रही है। कंपनी ने आने वाले 18 से 24 महीनों के लिए छोटे व्यवसायों, तेल और गैस आउटलेट्स तथा संगठित खुदरा क्षेत्र (Organized Retail Segment) को अपने मुख्य फोकस एरिया के रूप में चुना है।

जानिए कैसा है प्रमोटर्स का शेयरहोल्डिंग पैटर्न और किसने खरीदे शेयर

वन मोबीक्विक सिस्टम्स के मौजूदा शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर नजर डालें तो कंपनी के प्रमोटर्स के पास 25.08 फीसदी की हिस्सेदारी है, जो करीब 1,97,48,115 शेयरों के बराबर है। वहीं, इस कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डिंग का हिस्सा 74.92 फीसदी है, जो कुल 5,89,82,147 शेयरों के बराबर बैठता है। हाल ही में इस शेयर से जुड़ी एक और बड़ी खबर यह आई थी कि दिग्गज वेंचर कैपिटल कंपनी पीक XV पार्टनर्स ने 130 करोड़ रुपये से अधिक के एक बड़े 'ब्लॉक डील' के जरिए वन मोबीक्विक सिस्टम्स में मौजूद अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी है। इस बड़ी डील के तहत फ्लोरीनट्री, विरिडियन एसेट मैनेजमेंट, डायमॉन एशिया और कर्मा कैपिटल जैसी नामचीन कंपनियों ने मोबिक्विक में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है, जिससे आने वाले समय में कंपनी के बिजनेस को और रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

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