दिग्गज उद्योगपति हर्ष गोयनका ने क्यों की इस बैंक की जमकर तारीफ

दिग्गज उद्योगपति हर्ष गोयनका ने क्यों की इस बैंक की जमकर तारीफ

भारतीय कॉर्पोरेट जगत, बैंकिंग सेक्टर और नेतृत्व विकास (Leadership Development) के इतिहास में अक्सर कुछ ऐसी संस्थाओं की चर्चा होती है जो न केवल व्यापारिक सफलता के नए आयाम गढ़ती हैं, बल्कि देश को बेहतरीन कॉलिबर वाले बिजनेस लीडर्स भी सौंपती हैं। हाल ही में देश के जाने-माने और दिग्गज उद्योगपति हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया और बिजनेस गलियारों में एक ऐसा बयान दिया है जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हर्ष गोयनका ने अपने आधिकारिक बयानों और पोस्ट के जरिए आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक की जमकर सराहना करते हुए इसे 'लीडर पैदा करने की फैक्ट्री' करार दिया है। उद्योगपति द्वारा की गई इस बड़ी टिप्पणी के बाद से कॉर्पोरेट वर्ल्ड में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि आखिर कैसे एक वित्तीय संस्थान ने अपनी कार्यसंस्कृति, प्रबंधन शैली और प्रतिभाओं को तराशने के हुनर के बल पर देश की शीर्ष कंपनियों को दिग्गजों की फौज दी है। इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किसी भी संगठन की असली ताकत उसकी मशीनरी या पूंजी नहीं, बल्कि वहां काम करने वाले लोग और उनकी लीडरशिप क्षमता होती है, जिसके बारे में आज हर कोई जानना चाहता है।

हर्ष गोयनका के बयान के मायने और भारतीय कॉर्पोरेट में आईसीआईसीआई का दबदबा

आरपीजी ग्रुप (RPG Group) के चेयरमैन और देश के सबसे सम्मानित उद्योगपतियों में शुमार हर्ष गोयनका अपने बेबाक बयानों और बिजनेस ट्रेंड्स पर गहरी पैनी नजर रखने के लिए जाने जाते हैं। जब उनके जैसे अनुभवी उद्योगपति ने आईसीआईसीआई बैंक को लीडर तैयार करने वाली फैक्ट्री कहा, तो इसके पीछे बरसों का एक ठोस अनुभव और कॉर्पोरेट इतिहास जुड़ा हुआ है। यदि आप भारतीय बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र के शीर्ष संस्थानों के इतिहास को उठाकर देखें, तो आपको यह स्पष्ट रूप से नजर आएगा कि आज देश की कई बड़ी कंपनियों, बैंकों, फिनटेक स्टार्टअप्स और मल्टीनेशनल फर्म्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) या प्रबंध निदेशक (MD) पदों पर वे लोग काबिज हैं जिन्होंने अपने करियर के शुरुआती या मध्य दौर में आईसीआईसीआई बैंक में अपनी सेवाएं दी थीं। हर्ष गोयनका ने इसी बात को रेखांकित करते हुए यह बताया कि कैसे इस बैंक ने प्रोफेशनल्स को केवल एक कर्मचारी के रूप में नहीं बल्कि एक दूरदर्शी लीडर के रूप में गढ़ा है, जो आज देश के पूरे आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा और गति प्रदान कर रहे हैं।

कैसे तैयार होती है कॉरपोरेट जगत की यह अद्भुत लीडरशिप पाइपलाइन?

किसी भी संस्थान का 'लीडर फैक्ट्री' बनना कोई इत्तेफाक नहीं होता, बल्कि इसके पीछे दशकों की कड़ी मेहनत, एक सख्त और पारदर्शी कार्यसंस्कृति तथा टैलेंट मैनेजमेंट की बेहतरीन प्रणाली काम करती है। आईसीआईसीआई बैंक की यह ख्याति रही है कि वह अपने यहां काम करने वाले युवा प्रबंधकों और कर्मचारियों को बहुत कम उम्र में ही बड़े और चुनौतीपूर्ण फैसले लेने की जिम्मेदारी सौंप देता है। बैंक की संस्कृति में गलतियों से सीख लेने, नए प्रयोग करने और दबाव की स्थितियों में भी बेहतरीन प्रदर्शन करने पर जोर दिया जाता है। जब कोई युवा प्रोफेशनल इस प्रकार के उच्च दबाव और गतिशील माहौल में काम करता है, तो उसके भीतर का नेतृत्व कौशल अपने आप निखरने लगता है। बैंक के भीतर दी जाने वाली ट्रेनिंग, मेंटरशिप प्रोग्राम और परफॉर्मेंस-बेस्ड प्रमोशन पॉलिसी ने यह सुनिश्चित किया है कि संस्थान से निकलने वाला हर व्यक्ति केवल एक बैंकर बनकर न रहे, बल्कि किसी भी इंडस्ट्री में जाकर एक बेहतरीन लीडर के रूप में खुद को स्थापित कर सके। यही कारण है कि आज भारत के कॉर्पोरेट सेक्टर में आईसीआईसीआई के पूर्व कर्मचारियों को सबसे कुशल और भरोसेमंद लीडर्स माना जाता है।

भारतीय अर्थव्यवस्था और भविष्य के लिए इस लीडरशिप मॉडल का महत्व

हर्ष गोयनका द्वारा की गई इस तारीफ ने न केवल आईसीआईसीआई बैंक के वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया है, बल्कि देश के अन्य कॉरपोरेट घरानों और बैंकों के सामने भी एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। आज जब भारत तेजी से पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है और देश में स्टार्टअप कल्चर से लेकर बड़े औद्योगिक विस्तार तक हर जगह नेतृत्व क्षमता की भारी मांग है, ऐसे में ह्यूमन रिसورس को मजबूत करना सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है। आईसीआईसीआई बैंक का यह मॉडल यह सिखाता है कि जो कंपनियां अपने कर्मचारियों में निवेश करती हैं, उन्हें सही समय पर सही फैसले लेने की आजादी देती हैं और टैलेंट की कदर करती हैं, वे लंबे समय में देश को सिर्फ मुनाफे वाले आंकड़े नहीं बल्कि महान नेता देती हैं। उद्योगपति हर्ष गोयनका का यह बयान इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि सच्चा विकास भौतिक संसाधनों से ज्यादा मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व पर टिका होता है, और आने वाले समय में भी भारतीय कॉर्पोरेट जगत इस तरह की लीडरशिप फैक्ट्री से प्रेरणा लेता रहेगा।