अमिताभ बच्चन को दिल्ली हाई कोर्ट में पेश होने के निर्देश

अमिताभ बच्चन को दिल्ली हाई कोर्ट में पेश होने के निर्देश

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट से एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने 4 साल पुराने पर्सनैलिटी राइट्स (Personality Rights Suit) से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए अमिताभ बच्चन को 16 नवंबर तक का समय दिया है। अदालत ने स्पष्ट हिदायत दी है कि इस दी गई समय सीमा के भीतर यदि दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते की प्रक्रिया पूरी नहीं होती है या अधूरी रह जाती है, तो 83 वर्षीय अभिनेता को खुद अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होना पड़ेगा। इस ऐतिहासिक मामले पर न्यायमूर्ति पुरुषैंद्र कुमार कौरव की पीठ सुनवाई कर रही है, जिसने मीडिया, डिजिटल वर्ल्ड और बॉलीवुड गलियारों में भारी उत्सुकता और हलचल पैदा कर दी है।

क्या है अमिताभ बच्चन का पर्सनैलिटी राइट्स मामला और कोर्ट ने क्यों दिए पेशी के आदेश?

यह पूरा कानूनी विवाद साल 2022 से शुरू हुआ था जब अमिताभ बच्चन ने अपनी पहचान, नाम, आवाज, चेहरे और अनूठी शैली के अवैध तथा व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए अदालत का रुख किया था। तब नवंबर 2022 में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनके पक्ष में एकतरफा अंतरिम आदेश जारी करते हुए किसी भी तीसरे पक्ष द्वारा उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, छवि या आवाज के व्यावसायिक उपयोग पर पाबंदी लगा दी थी। हालांकि, मामले की लंबी सुनवाई के दौरान पक्षों ने मध्यस्थता (Mediation) के जरिए आपसी समझौते की संभावना पर विचार शुरू किया। हालिया सुनवाई में अभिनेता के वकील ध्रुव आनंद ने औपचारिकताएं पूरी करने और समझौते को रिकॉर्ड पर लाने के लिए अतिरिक्त समय मांगा, जिसके बाद कोर्ट ने 16 नवंबर तक की अंतिम मोहलत दे दी।

16 नवंबर तक समझौता न होने पर सिविल प्रोसीजर कोड के तहत होगी व्यक्तिगत उपस्थिति

अदालत ने अपने आदेश में बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने साफ किया कि अगर 16 नवंबर तक समझौता फाइल नहीं होता है और वादी अपने किसी भी दावे पर केस आगे बढ़ाना चाहता है, तो उसे कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा। यह उपस्थिति 'कोड ऑफ सिविल प्रोसीजर (CPC), 1908' के 'ऑर्डर X नियम 2' तथा 'ऑर्डर V नियम 3' और 'भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023' की 'धारा 168' के तहत अदालत की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए आवश्यक होगी। कोर्ट के इस कड़े निर्देश के बाद अब अमिताभ बच्चन की विधिक टीम समझौते की ड्राफ्टिंग और औपचारिकताओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने की कवायद में जुट गई है।

बच्चन परिवार और अन्य सेलेब्रिटीज के लिए पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा का महत्व

डिजिटल युग में एआई (AI), डीपफेक और फर्जी विज्ञापनों के बढ़ते खतरों के बीच अमिताभ बच्चन द्वारा उठाया गया यह कदम बेहद ऐतिहासिक माना जाता है। अमिताभ बच्चन ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के अन्य सदस्य जैसे अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन और पोती आराध्या बच्चन से जुड़े आपत्तिजनक/भ्रामक वीडियोज और कंटेंट के खिलाफ भी हाई कोर्ट कड़े आदेश जारी कर चुका है। मशहूर हस्तियों के नाम, आवाज और पहचान का गलत इस्तेमाल करके लोगों को ठगने वाले विज्ञापनों और फोन नंबरों पर नकेल कसने के लिए यह पर्सनैलिटी राइट्स सूट एक नजीर बना है। अब देखना होगा कि 16 नवंबर तक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होकर समझौता दर्ज होता है या फिर महानायक को व्यक्तिगत रूप से दिल्ली हाई कोर्ट की दीर्घा में पेश होना पड़ता है।