‘मां-बहन पर नहीं जाना...’ कैसे शूट हुआ ‘धुरंधर 2’ में गालियों वाला सीन? ऐसा था पिता के मुंह से गंदी-गंदी गालियां सुनकर ‘मेजर इकबाल’ का रिएक्शन

‘मां-बहन पर नहीं जाना...’ कैसे शूट हुआ ‘धुरंधर 2’ में गालियों वाला सीन? ऐसा था पिता के मुंह से गंदी-गंदी गालियां सुनकर ‘मेजर इकबाल’ का रिएक्शन

बॉलीवुड और ओटीटी की दुनिया में अपनी दमदार और रियलिस्टिक कहानियों के लिए पहचाने जाने वाले फिल्ममेकर एक बार फिर सुर्खियां बटोर रहे हैं। हाल ही में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म या सीरीज ‘धुरंधर 2’ (Dhurandhar 2) के एक इंटेंस सीन ने दर्शकों के बीच तहलका मचा रखा है। इस प्रोजेक्ट में दिखाए गए खतरनाक और खूंखार किरदारों ने पर्दे पर आग लगा दी है, लेकिन इसके पीछे की शूटिंग की कहानियां अब फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं। खासकर सीरीज के उस चर्चित और हाई-वोल्टेज सीन का जिक्र हो रहा है जिसमें स्क्रीन पर पिता के मुंह से गंदी-गंदी गालियां सुनकर ‘मेजर इकबाल’ का रिएक्शन देखने लायक था।

बिना काट-छांट के ऐसे फिल्माया गया गालियों का वो इंटेंस सीन

‘धुरंधर 2’ के इस विशेष सीक्वेंस ने रिलीज के साथ ही क्रिटिक्स और दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सूत्रों और क्रू मेंबर्स के अनुसार, इस सीन को बेहद रॉ, नेचुरल और बिना किसी लाउड ड्रामे के शूट किया गया था ताकि पर्दे पर इसकी असलियत साफ झलके। निर्देशक चाहते थे कि कलाकारों के चेहरे के भाव पूरी तरह से स्वाभाविक लगें। जब सेट पर इस सीन की रिहर्सल चल रही थी, तो कलाकारों को विशेष निर्देश दिए गए थे कि वे अपनी भावनाओं को कंट्रोल में रखें लेकिन एक्सप्रेशन एकदम सटीक होने चाहिए। खासकर स्क्रीन पर जब पिता के किरदार द्वारा अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया, तो सेट का माहौल एकदम गंभीर हो गया था।

‘मेजर इकबाल’ का हैरान कर देने वाला रिएक्शन

इस पूरे सीक्वेंस में सबसे ज्यादा तारीफ ‘मेजर इकबाल’ के किरदार निभाने वाले अभिनेता की एक्टिंग की हो रही है। पिता के मुंह से लगातार बरस रही गंदी-गंदी गालियों और गुस्से के सैलाब को सुनकर मेजर इकबाल के चेहरे पर जो खामोशी, खीझ और अजीब सा तनाव झलका, उसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अभिनेता ने बिना कुछ ज्यादा बोले सिर्फ अपनी आंखों और बॉडी लैंग्वेज से उस सीन में जान फूंक दी। क्रू के सदस्यों ने बताया कि शॉट के दौरान माहौल इतना भारी हो गया था कि निर्देशक के ‘कट’ बोलने के बाद भी कुछ देर तक सेट पर सन्नाटा छाया रहा था, जो इस सीन की सफलता और कलाकारों के समर्पण को बयां करने के लिए काफी है।