'मुझ पर 100-200 लोगों का कर्जा है...': चेक बाउंस केस और जेल की सजा पर छलका राजपाल यादव का दर्द, बोले- 'पैसा मुझे नहीं खरीद सकता'
बॉलीवुड के जाने-माने और अपने बेहतरीन कॉमेडी अंदाज से दर्शकों को हंसाने वाले अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) इन दिनों अपनी पेशेवर जिंदगी के साथ-साथ कानूनी उलझनों को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। पिछले कुछ सालों से चेक बाउंस (Cheque-Bounce) और लोन के मामलों को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) में चल रही कानूनी लड़ाई और हालिया सजा के बीच राजपाल यादव का एक बेहद भावुक और बेबाक इंटरव्यू सामने आया है। इस दौरान अभिनेता ने अपने ऊपर लगे आरोपों, वित्तीय संकट और जेल जाने के अनुभवों पर खुलकर बात की है। आइए जानते हैं कि इस वरिष्ठ अभिनेता ने अपने दिल का दर्द बयां करते हुए क्या-क्या कहा है।
'फिल्म बनाने के लिए पैसा लिया, क्या गुनाह कर दिया?'
दिए गए इंटरव्यू और बयानों में राजपाल यादव ने अपने ऊपर लगे चेक बाउंस के आरोपों पर खुलकर सफाई दी है। उन्होंने साल 2012 में आई अपनी फिल्म 'अता पता लापता' के निर्माण से जुड़े वित्तीय संकट का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने फिल्म बनाने के लिए ही पैसे उधार लिए थे और उनका इरादा कभी किसी का पैसा डकारने का नहीं था।
अभिनेता ने कहा, "फिल्म ही तो बनाई, फिल्म के लिए पैसा लिया... क्या गुनाह कर दिया साहब?" उन्होंने स्वीकार किया कि फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो जाने के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा, जिसकी वजह से वे समय पर लोगों का कर्ज नहीं चुका पाए। राजपाल यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपनी जिम्मेदारी से कभी भागे नहीं हैं और जिन-जिन लोगों का पैसा उन पर बकाया है, उसे पूरी ईमानदारी और सम्मान के साथ वापस लौटा रहे हैं।
'मुझ पर 100-200 लोगों का कर्जा है, लेकिन पैसा मुझे नहीं खरीद सकता'
अपने संघर्ष और इंडस्ट्री में हुए नुकसान के बारे में बात करते हुए राजपाल यादव काफी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में कानूनी मामलों और विवादों के चक्कर में उनके करियर को गहरा आघात लगा है। उन्होंने कहा, "2013 से 2016 तक मुझे निजी तौर पर 200 से 250 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। मैंने विदेश के कम से कम 50 टूर मिस किए और मुझे मेरी कला के मुताबिक फीस भी नहीं मिली।"
इसके बावजूद उन्होंने गर्व के साथ कहा कि कोई भी ताकत या दौलत उन्हें झुका नहीं सकती। अभिनेता ने कहा, "अगर मुझ पर 100-200 लोगों का भी कर्जा है, तो मैंने उन्हें पैसे दिए हैं और जिसका बाकी है, उसके घर तक पैसा पहुंच जाएगा। कोई मुझे 5 करोड़ या 250 करोड़ रुपये में नहीं खरीद सकता। मैं बचपन से कला के साथ हूं, पैसा मुझे नहीं खरीद सकता।"
कानूनी मोर्चे पर क्या है वर्तमान स्थिति?
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली हाईकोर्ट ने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े चेक बाउंस मामलों में राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए सजा से जुड़े आदेश दिए हैं। अदालत ने उन्हें बकाया राशि का भुगतान करने और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने का निर्देश दिया है। हालांकि, तमाम मुश्किलों और उतार-चढ़ाव के बावजूद राजपाल यादव का कहना है कि वे अपनी कला के प्रति समर्पित हैं और अपने चाहने वालों के प्यार और समर्थन के दम पर इस कठिन दौर से पूरी मजबूती के साथ बाहर निकलेंगे।