अभिनय के लिए खुद को बना लिया 'कंकाल', रणदीप हुड्डा ये 6 रोल फैंस कर देते हैं हैरान

अभिनय के लिए खुद को बना लिया 'कंकाल', रणदीप हुड्डा ये 6 रोल फैंस कर देते हैं हैरान

बॉलीवुड में किरदारों में ढलने वाले अभिनेताओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन रणदीप हुड्डा उन गिने-चुने कलाकारों में शुमार हैं जो सिर्फ एक्टिंग नहीं करते बल्कि खुद को पूरी तरह किरदार के हवाले कर देते हैं।

चाहे महज कुछ हफ्तों में शरीर का वजन नाटकीय रूप से घटाना हो, घंटों कठिन मार्शल आर्ट्स का अभ्यास करना हो, विदेशी लहजा यानी फ्रेंच एक्सेंट सीखना हो या फिर कैनवास पर चित्रकारी की बारीकियां समझनी हों, रणदीप ने हर बार यह साबित किया है कि उनके लिए अभिनय सिर्फ एक पेशा नहीं बल्कि जीवन का सबसे बड़ा जुनून है। उनके 50वें जन्मदिन के इस खास मौके पर आइए नजर डालते हैं उनके उन 6 यादगार और रोंगटे खड़े कर देने वाले रोल्स पर, जिन्होंने दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है।

1. सरबजीत: जब जेल की तन्हाई महसूस करने के लिए घटाया 18 किलो वजन

फिल्म 'सरबजीत' में सरबजीत सिंह के दर्दनाक किरदार को पर्दे पर जीवंत करने के लिए रणदीप हुड्डा ने जो समर्पण दिखाया, उसने हर किसी को हैरान कर दिया था। पाकिस्तानी जेल में सालों तक कैदी के रूप में बिताए गए जीवन और शारीरिक प्रताड़ना को सच साबित करने के लिए रणदीप ने सिर्फ 28 दिनों के भीतर अपना 18 किलो वजन घटा लिया था, जिससे उनका वजन 94 किलो से बेहद कम हो गया था। उस दर्दनाक तन्हाई और यातना को महसूस करने के लिए उन्होंने खुद को एक अंधेरे कमरे में बंद कर लिया था, जिसे अभिनेता ने अपने करियर का सबसे कठिन और मानसिक रूप से तोड़ देने वाला अनुभव बताया था।

2. स्वातंत्र्य वीर सावरकर: गंभीर चोट और घुटने की सर्जरी के बावजूद निभाया किरदार

फिल्म 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' में रणदीप ने न केवल मुख्य भूमिका निभाई बल्कि निर्देशन की कमान भी अपने हाथों में संभाली। इस ऐतिहासिक और चुनौतीपूर्ण किरदार के लिए उन्होंने 26 किलो वजन कम किया था। लंबे समय तक अत्यधिक कम वजन में रहने और घुटने की सर्जरी होने के बावजूद उन्होंने अपनी शूटिंग जारी रखी, जिसके दौरान वजन घटने के कारण वे एक बार घोड़े से भी गिर गए थे। उनकी इस जि ल्दबाजी और समर्पण ने पर्दे पर वीर सावरकर के संघर्ष को एकदम सजीव कर दिया।

3. एक्सट्रैक्शन: हॉलीवुड स्टार क्रिस हेम्सवर्थ को दी कड़ी टक्कर

नेटफ्लिक्स की ब्लॉकबस्टर एक्शन फिल्म 'एक्सट्रैक्शन' में रणदीप ने 'साजू' का एक शानदार और दमदार किरदार निभाया था। क्रिस हेम्सवर्थ जैसे ग्लोबल हॉलीवुड स्टार के सामने स्क्रीन शेयर करना और अपने अभिनय से दर्शकों का ध्यान खींचना आसान नहीं था, लेकिन रणदीप ने इसके लिए महीनों कड़ी फिजिकल ट्रेनिंग ली और अपनी बॉडी को पूरी तरह री-शेप किया। उन्होंने इस किरदार को किसी भी घिसे-पिटे पारंपरिक बॉलीवुड रोल की तरह पेश करने के बजाय एक वास्तविक और खतरनाक देसी एक्शन हीरो के रूप में गढ़ा।

4. मैं और चार्ल्स: कुख्यात सीरियल किलर जैसा फ्रेंच एक्सेंट और बदली हुई हंसी

कुख्यात अपराधी चार्ल्स शोभराज के किरदार में ढलना रणदीप के लिए केवल शारीरिक बदलाव नहीं, बल्कि मानसिक रूप से पूरी तरह दूसरा इंसान बनना था। चार्ल्स के किरदार की बारीकियों को पकड़ने के लिए उन्होंने महीनों तक एलायंस फ्रैंकोइस के विशेषज्ञों के साथ कड़ी मेहनत करके फ्रेंच एक्सेंट सीखा था। उन्होंने इस रोल के लिए अपनी हंसने का तरीका और बात करने का लहजा तक बदल लिया था, जो पर्दे पर इतना स्वाभाविक लग रहा था कि बाद में भारतीय दर्शकों की सुविधा के लिए उसे थोड़ा हल्का करना पड़ा था।

5. दो लफ़्जों की कहानी: एक साल के भीतर 30 किलो वजन घटाने-बढ़ाने का करिश्मा

'सरबजीत' के लिए कंकाल जैसे शरीर में ढलने से ठीक पहले रणदीप ने फिल्म 'दो लफ़्जों की कहानी' के लिए एक मस्कुलर और एथलेटिक बॉडी बनाई थी। इसके लिए वे रोज करीब 4 घंटे जिम में पसीना बहाते थे, जिसमें दो घंटे मार्शल आर्ट्स और दो घंटे सख्त बॉडीबिल्डिंग शामिल होती थी। महज एक साल के छोटे से अंतराल के भीतर शरीर का वजन 30 किलो तक बढ़ाना और फिर उसे रातों-रात घटा लेना उनकी अदम्य इच्छाशक्ति और अभिनय के प्रति उनकी निष्ठा का सबसे बड़ा प्रमाण है।

6. रंग रसिया: कलाकार के किरदार के लिए सीखी पेंटिंग की बारीकियां

महान चित्रकार राजा रवि वर्मा के जीवन पर आधारित फिल्म 'रंग रसिया' में एक पेंटर का किरदार निभाने के लिए रणदीप ने सिर्फ कैमरे के सामने ब्रश पकड़ने का नाटक नहीं किया, बल्कि असल जिंदगी में पेंटिंग और स्केचिंग की बारीकियां सीखीं। उन्होंने आर्ट डायरेक्टर नितिन देसाई के सहायकों के साथ मिलकर ब्रश चलाने के तरीके और रंगों की समझ को गहराई से सीखा, ताकि वे पर्दे पर एक सच्चे और उम्दा कलाकार नजर आ सकें। यही वजह है कि आज उन्हें भारतीय सिनेमा का असली 'मास्टर ऑफ डिस्गाइज' कहा जाता है।