'आवारापन' के फ्लॉप होने का दर्द आज भी है ताजा: सीक्वल की सुगबुगाहट के बीच श्रिया सरन ने बयां की अपनी तकलीफ

'आवारापन' के फ्लॉप होने का दर्द आज भी है ताजा: सीक्वल की सुगबुगाहट के बीच श्रिया सरन ने बयां की अपनी तकलीफ

साल 2007 में सिनेमाघरों में उतरी 'आवारापन' को भले ही उस दौर के दर्शकों ने टिकट खिड़की पर नकार दिया था लेकिन आज यह फिल्म एक कल्ट क्लासिक मानी जाती है। इन दिनों बॉलीवुड के गलियारों में 'आवारापन 2' को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

सीक्वल की चर्चाओं ने पुराने जख्मों को फिर से हरा कर दिया है। इस फिल्म की कहानी और इसके सुरीले गानों का जादू आज भी संगीत प्रेमियों के सिर चढ़कर बोलता है। हाल ही में फिल्म की मुख्य अभिनेत्री श्रिया सरन ने एक साक्षात्कार में अपने दिल की बात साझा की और बताया कि एक बेहतरीन फिल्म के नाकाम होने का दुख कलाकारों को मानसिक रूप से कितना परेशान करता है।

मोहित सूरी की करी जमकर तारीफ

एक मीडिया संस्थान से बातचीत के दौरान श्रिया ने फिल्म से जुड़ने के किस्से को याद किया। उन्होंने बताया कि निर्देशक मोहित सूरी ने उनके पिछले काम को परखा था और उसी के आधार पर लुक टेस्ट के लिए बुलाया था।

शूटिंग के अनुभवों को साझा करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि मोहित सूरी दृश्यों की गहराई में उतरकर काम करने वाले निर्देशक हैं। वह कहानी की रूह को पर्दे पर उतारने में यकीन रखते हैं। वहीं मुख्य अभिनेता इमरान हाशमी इस प्रोजेक्ट को लेकर बेहद भावुक रहा करते थे। इमरान इस कहानी के साथ मानसिक रूप से पूरी तरह जुड़ चुके थे और उनके लिए यह महज एक फिल्म से कहीं बढ़कर था।

तारीफें खूब मिलीं लेकिन कमाई नहीं हुई

श्रिया का दृढ़ता से मानना है कि 'आवारापन' अपने वक्त से बहुत आगे की सोच वाली फिल्म थी। रिलीज के समय पूरी टीम को इसकी सफलता की पूरी उम्मीद थी। जब फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी तो उन्हें गहरा धक्का लगा। लोग असल जिंदगी में उनसे मिलकर फिल्म और उनके अभिनय की जमकर तारीफ करते थे लेकिन यह मौखिक सराहना सिनेमाघरों की कमाई में बिल्कुल तब्दील नहीं हो सकी। इस विरोधाभास ने अभिनेत्री को काफी हैरान किया था।