90 के दशक का वो सुपरहिट गाना! जब गोविंदा के साथ डांस करने में छूट गए थे करिश्मा कपूर के पसीने, सालों बाद खुद बयां किया नर्वसनेस का किस्सा
90 के दशक की सबसे पॉपुलर और सुपरहिट ऑन-स्क्रीन जोड़ियों की जब भी बात होती है, तो गोविंदा और करिश्मा कपूर का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। इन दोनों की कॉमिक टाइमिंग और डांस मूव्स आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस 'हुस्न है सुहाना' गाने पर आज भी लोग झूमने को मजबूर हो जाते हैं, उसकी शूटिंग के वक्त करिश्मा कपूर बुरी तरह डरी और नर्वस थीं? सालों बाद खुद करिश्मा कपूर ने एक डांस रियलिटी शो के मंच पर अपनी इस घबराहट और शूटिंग के दिनों के उस मजेदार अनुभव को याद किया है।
कंटेस्टेंट्स की परफॉर्मेंस देख पुरानी यादों में खो गईं करिश्मा
दरअसल, करिश्मा कपूर हाल ही में डांस रियलिटी शो 'इंडियाज बेस्ट डांसर' के प्रीमियर एपिसोड में बतौर मेहमान शामिल हुईं। शो के दौरान जब कंटेस्टेंट्स ने उनकी साल 1995 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कुली नंबर 1' के चार्टबस्टर गाने 'हुस्न है सुहाना' पर एक धमाकेदार परफॉर्मेंस दी, तो करिश्मा कपूर पुरानी यादों के गलियारे में खो गईं। उन्होंने बताया कि इस गाने की शूटिंग के दौरान उनकी उम्र बहुत कम थी और वो इंडस्ट्री के सबसे बड़े डांसर गोविंदा के सामने परफॉर्म करने को लेकर अंदर से काफी हिचकिचा रही थीं।
महज 16-17 साल की उम्र में चीची के सामने परफॉर्म करना था बड़ी चुनौती
अपनी नर्वसनेस का किस्सा साझा करते हुए करिश्मा कपूर ने कहा कि जब यह गाना शूट हो रहा था, तब मैं सिर्फ 16 या 17 साल की एक टीनेजर थी। गोविंदा जी यानी हमारे 'चीची' उस वक्त डांस के बेताज बादशाह थे। उनके साथ स्क्रीन शेयर करना और उनके जैसे हाई-एनर्जी लेवल्स से कदम से कदम मिलाना मेरे लिए एक बहुत बड़ी चुनौती थी। करिश्मा ने आगे बताया कि गोविंदा जी के साथ यह उनका पहला या दूसरा बड़ा डांस नंबर था, जिसकी वजह से उनके दिल की धड़कनें काफी बढ़ी हुई थीं।
मशहूर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य संग भी था यह पहला कॉम्बिनेशन
करिश्मा कपूर ने इस गाने से जुड़ा एक और दिलचस्प खुलासा करते हुए बताया कि यह न सिर्फ गोविंदा के साथ उनका शुरुआती काम था, बल्कि मशहूर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य के साथ भी उनका पहला गाना था। करिश्मा ने उन दिनों को याद करते हुए कहा कि गणेश आचार्य के साथ काम करने का मेरा यह पहला अनुभव था, इसलिए यह एक बिल्कुल नया कॉम्बिनेशन था। दिलचस्प बात यह थी कि उस समय गणेश मास्टर खुद भी बहुत शर्मीले स्वभाव के थे, जिसके कारण सेट पर एक अलग ही तरह की झिझक का माहौल था।
जब डायरेक्टर डेविड धवन ने बढ़ाया हौसला और दूर की हिचकिचाहट
इस मुश्किल और नर्वस कर देने वाले माहौल में फिल्म के डायरेक्टर डेविड धवन करिश्मा कपूर के मददगार बनकर सामने आए। करिश्मा ने डेविड धवन को याद करते हुए बताया कि मेरी घबराहट को देखते हुए डेविड जी खुद मेरे पास चलकर आए थे। उन्होंने मेरा हौसला बढ़ाते हुए मुझसे कहा था कि घबराओ मत, तुम जानती हो कि ये बहुत ही शानदार कोरियोग्राफर हैं। ये हमारे नए गणेश मास्टर हैं। डेविड धवन के उन मोटिवेटिंग शब्दों और भरोसे ने करिश्मा के डर को दूर किया, जिसके बाद करिश्मा और गोविंदा की जोड़ी ने इस गाने को भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे आइकॉनिक डांस नंबर बना दिया।