मोटापे के नाम पर देश में कैसे फल-फूल रहा है 'नकली दवाओं' का काला कारोबार
आज के इस आधुनिक और फिटनेस के प्रति जागरूक दौर में हर दूसरा इंसान अपने बढ़ते हुए वजन, तोंद और मोटापे (Obesity) से परेशान नजर आता है। स्लिम और फिट दिखने की इस अंधी दौड़ में लोग जिम जाने और डाइटिंग करने के साथ-साथ कई बार शॉर्टकट का रास्ता तलाशने लगते हैं, जिसमें वजन घटाने वाली चमत्कारिक दवाइयां, फैट बर्नर कैप्सूल और महंगे एंटी-ओबेसिटी इंजेक्शन सबसे आगे होते हैं। इसी भारी मांग का फायदा उठाकर देश के काले बाजारों में नकली, मिलावटी और प्रतिबंधित वजन घटाने वाली दवाओं (Fake Weight Loss Medicines) का एक बहुत बड़ा और खतरनाक कारोबार तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों, ड्रग कंट्रोलर और मेडिकल इन्वेस्टिगेशन एजेंसियों की हालिया रिपोर्टों में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इंटरनेट, सोशल मीडिया विज्ञापनों और बिना लाइसेंस के चलने वाले ऑनलाइन मेडिकल स्टोरों के जरिए किस तरह धड़ल्ले से नकली दवाइयां बेची जा रही हैं। वजन कम करने के नाम पर बिकने वाला यह जहर न केवल लोगों के पैसों की बर्बादी कर रहा है, बल्कि उनकी किडनी, लिवर और दिल को अंदर से पूरी तरह खोखला करके मौत के मुंह में धकेल रहा है। आज के इस विस्तृत, खोजी और स्वास्थ्यवर्धक आलेख में हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि देश में मोटापे की दवाओं के नाम पर यह काला धंधा कैसे फल-फूल रहा है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
सोशल मीडिया और ऑनलाइन विज्ञापनों के जाल में फंस रहे वजन घटाने के शौकीन लोग
आज के समय में फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रोजाना ऐसे सैकड़ों लुभावने विज्ञापन दिखाई देते हैं जो यह दावा करते हैं कि बिना किसी कसरत या डाइटिंग के सिर्फ कुछ ही हफ्तों में वजन कई किलो तक कम कर दिया जाएगा। इन विज्ञापनों में तरह-तरह के चमत्कारी कैप्सूल, हर्बल टी और विदेशी फॉर्मूले वाली फैट लॉस पिल्स का प्रचार किया जाता है, जिन्हें देखकर आसानी से कोई भी आम इंसान इनके झांसे में आ जाता है। जब ग्राहक ऑनलाइन ऑर्डर करके इन महंगी दवाओं को मंगाता है, तो उसे असली ब्रांड के नाम पर पूरी तरह नकली, चॉक पाउडर या खतरनाक केमिकल्स से भरी हुई गोलियां थमा दी जाती हैं। इन अवैध प्रोडक्ट्स के पीछे कोई रजिस्टर्ड मैन्युफैक्चरर या फार्मास्यूटिकल कंपनी नहीं होती, बल्कि कुछ शातिर अपराधी और नकली दवा माफिया छिपे होते हैं जो लोगों की मजबूरी और मोटापे की समस्या का फायदा उठाकर करोड़ों रुपए का काला मुनाफा कमा रहे हैं।
नकली फैट बर्नर और वजन घटाने वाली दवाओं के सेवन से शरीर पर होने वाले घातक दुष्प्रभाव
जब कोई व्यक्ति बिना डॉक्टर की सलाह के और बिना यह जाने कि उसके हाथ में जो दवा आई है वह असली है या नकली, उसका सेवन करना शुरू कर देता है, तो उसके शरीर के अंदरूनी अंगों पर बहुत ही भयानक साइड इफेक्ट्स होने लगते हैं। इन नकली दवाओं में कई बार सिबुट्रामाइन (Sibutramine) या ऐसे अन्य खतरनाक प्रतिबंधित सॉल्ट्स मिले होते हैं जिन्हें दुनिया भर के स्वास्थ्य संगठनों ने बैन कर दिया है। इनके सेवन से अचानक ब्लड प्रेशर खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है, दिल की धड़कन तेज होने लगती है, गंभीर अनिद्रा, डिप्रेशन, और एंग्जायटी की समस्याएं पैदा हो जाती हैं। सबसे डरावनी बात यह है कि लंबे समय तक इन जहरीली नकली गोलियों को खाने से लिवर फेलियर (Liver Failure) और किडनी डैमेज होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जिससे कई मामलों में मरीजों की जान तक चली जाती है।
ड्रग्स कंट्रोलर और पुलिस की छापेमारी में हो रहे बड़े खुलासे, सिंडिकेट का पर्दाफाश
देश के महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, और अन्य बड़े शहरों में हाल ही में ड्रग्स विभाग और पुलिस द्वारा की गई कई बड़ी छापों (Raids) में इस बात का खुलासा हुआ है कि किस प्रकार बंद कमेटियों और अवैध गोदामों में नामी-गिरामी विदेशी कंपनियों के लोगो और रैपर का इस्तेमाल करके नकली दवाइयां पैक की जा रही थीं। इन छापों के दौरान करोड़ों रुपए की नकली स्लिमिंग पिल्स, गोलियां और कच्चा माल बरामद किया गया है। इन संगठित गिरोहों के पास से ऐसे प्रिंटिंग प्रेस और पैकेजिंग मशीनें मिली हैं जिन्हें देखकर असली और नकली में फर्क कर पाना किसी आम आदमी के लिए तो क्या, अच्छे-अच्छे फार्मा विशेषज्ञों के लिए भी असंभव सा हो जाता है। पुलिस अब इन मास्टरमाइंड्स और सप्लाई चेन की तह तक जाने के लिए इंटर-स्टेट नेटवर्क को खंगाल रही है, लेकिन तब तक हजारों लोग इस काले धंधे का शिकार बन चुके होते हैं।
कैसे पहचानें असली दवा और मोटापे के नाम पर होने वाले इस फ्रॉड से कैसे बचें?
यदि आप भी अपने वजन को नियंत्रित करने के लिए किसी प्रकार की सप्लीमेंट या दवा का सेवन कर रहे हैं या करने की सोच रहे हैं, तो अत्यधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। किसी भी डॉक्टर या डाइटीशियन के पर्चे के बिना कभी भी ऑनलाइन या किसी अनजान डीलर से वजन घटाने वाली दवाएं न खरीदें, और दवा हमेशा किसी प्रतिष्ठित और लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से ही लें। दवा खरीदते समय उसकी पैकेजिंग, होलोग्राम, बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट की अच्छी तरह जांच करें, और यदि किसी प्रोडक्ट पर बहुत ज्यादा बड़े-बड़े और असंभव दावे किए जा रहे हों तो समझ जाएं कि वह एक घोटाला है। वजन घटाने का कोई भी शॉर्टकट नहीं होता, इसके लिए केवल संतुलित खान-पान, नियमित व्यायाम और एक स्वस्थ जीवनशैली ही सबसे बड़ा और सुरक्षित साधन है। अपनी सेहत से खिलवाड़ न करें और इन नकली दवा माफियाओं के झांसे में आने से खुद को और अपने परिवार को बचाएं।