उरी सेक्टर में ग्रेनेड फटने से 2 जवान शहीद, नेपाल बॉर्डर से टीएमसी का 'पुष्पा' जहांगीर खान भी गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले से एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आ रही है। नियंत्रण रेखा (LoC) से सटे उरी सेक्टर में स्थित एक आर्मी कैंप के भीतर मंगलवार को अचानक एक हैंड ग्रेनेड फट गया। इस भीषण धमाके की चपेट में आने से भारतीय सेना के दो बहादुर जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, धमाके के तुरंत बाद दोनों घायल जवानों को इलाज के लिए नजदीकी सैन्य अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बदकिस्मती से डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद सेना और स्थानीय प्रशासन ने घटना के असल कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है।
उरी सेक्टर के आर्मी कैंप में अचानक फटा हैंड ग्रेनेड, जांच में जुटे सैन्य अधिकारी
बारामूला के रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील उरी सेक्टर में हुई इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह धमाका आर्मी कैंप के भीतर उस वक्त हुआ जब जवान नियमित ड्यूटी पर थे। हैंड ग्रेनेड में विस्फोट किस तकनीकी खराबी या मानवीय चूक की वजह से हुआ, इसकी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। शहीदों के पार्थिव शरीर को कानूनी औपचारिकताओं के बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांवों में भेजने की तैयारी की जा रही है। इस घटना के बाद से उरी और आसपास के सैन्य ठिकानों में सुरक्षा और एहतियात बढ़ा दी गई है।
नेपाल बॉर्डर पर बंगाल STF का बड़ा एक्शन, फलता हिंसा का मुख्य आरोपी जहांगीर खान दबोचा गया
दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल की राजनीति और अपराध जगत से जुड़ी एक और सनसनीखेज खबर सामने आई है। खुद को 'पुष्पा' कहने वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विवादित नेता जहांगीर खान को आखिरकार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गिरफ्तार कर लिया है। चुनाव के बाद से ही लगातार फरार चल रहे जहांगीर खान को एसटीएफ की टीम ने खुफिया इनपुट के आधार पर भारत-नेपाल सीमा (नेपाल बॉर्डर) के पास से उस वक्त दबोचा जब वह देश छोड़कर भागने की फिराक में था। गौरतलब है कि पिछले दिनों कलकत्ता हाई कोर्ट ने भी उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया था।
आईपीएस अजय पाल शर्मा से पंगा और फलता चुनाव में हिंसा समेत दर्ज हैं 7 गंभीर मामले
दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट से टीएमसी के प्रत्याशी रहे जहांगीर खान का विवादों से पुराना नाता रहा है। चुनाव के दौरान उन्होंने चर्चित आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा से भी पंगा लिया था। फलता सीट पर मतदान के दौरान जहांगीर खान और उनके समर्थकों पर बड़े पैमाने पर हिंसा करने, बूथ कैप्चरिंग का प्रयास करने और मतदाताओं को डराने-धमकाने के गंभीर आरोप लगे थे। इन गड़बड़ियों की वजह से चुनाव आयोग को इस सीट पर दोबारा मतदान कराना पड़ा था, जिसमें भाजपा ने बंपर जीत हासिल की और जहांगीर खान चौथे नंबर पर खिसक गए थे। फलता थाने में उनके खिलाफ रंगदारी, जानलेवा हमला, जबरन वसूली और कानून व्यवस्था बिगाड़ने समेत कुल 7 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।