BRICS Summit 2026: दिल्ली में जुटेंगे दुनिया के बड़े नेता, 35+ सड़कें प्रभावित; घर से निकलने से पहले जान लें पूरा ट्रैफिक प्लान

BRICS Summit 2026: दिल्ली में जुटेंगे दुनिया के बड़े नेता, 35+ सड़कें प्रभावित; घर से निकलने से पहले जान लें पूरा ट्रैफिक प्लान

देश की राजधानी नई दिल्ली 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले ऐतिहासिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 (BRICS Summit 2026) की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी है।

इस बड़े कूटनीतिक आयोजन को लेकर शहर के मुख्य मार्गों और प्रमुख चौराहों को भव्य पोस्टरों, आकर्षक सजावटी लाइटों और आधुनिक कलाकृतियों से सजाया गया है, जिससे लुटियंस दिल्ली समेत समूची राजधानी में एक उत्सव जैसा माहौल नजर आ रहा है। यह दो दिवसीय महासम्मेलन प्रगति मैदान स्थित आधुनिक भारत मंडपम (Bharat Mandapam) के अंतरराष्ट्रीय सभागार में आयोजित होगा, जहां कई शक्तिशाली देशों के राष्ट्राध्यक्ष एक मंच पर जुटेंगे।

शिखर सम्मेलन का आधिकारिक विषय और ब्रिक्स का विस्तार

इस वर्ष दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन का मुख्य आधिकारिक विषय "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) तय किया गया है। शुरुआत में केवल ब्राजील, रूस, भारत और चीन के साथ शुरू हुए इस संगठन की पहली विदेश मंत्री स्तर की औपचारिक बैठक साल 2006 में न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई थी, जबकि पहला शिखर सम्मेलन 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित हुआ था। इसके बाद 2011 में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने से यह समूह 'ब्रिक्स' के रूप में स्थापित हुआ। समूह ने हाल के वर्षों में अभूतपूर्व विस्तार देखा है, जिसमें जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई को पूर्ण सदस्य बनाया गया, जिसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी इसका हिस्सा बना। वर्तमान में 11 पूर्णकालिक सदस्यों और कई सहयोगी देशों के साथ यह मंच वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति में बेहद निर्णायक भूमिका निभा रहा है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कसी कमर, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा का पहरा

विश्वस्तरीय नेताओं, विदेशी राजनयिकों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों की गरिमामयी मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक बेहद चाक-चौबंद व विस्तृत ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि विदेशी डेलिगेशन के सुरक्षित व निर्बाध आवागमन और आम नागरिकों की सहूलियत के बीच संतुलन साधने के लिए व्यापक सुरक्षा व आवागमन प्रोटोकॉल जमीन पर उतार दिए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस के जवान निर्धारित रूटों पर मोटरकेड (काफिला) का लगातार रिहर्सल कर रहे हैं और सभी अधिकारियों को रियल-टाइम मैनेजमेंट के लिए विशेष ब्रीफिंग दी गई है, ताकि 11 से 13 सितंबर के दौरान दिल्ली की रफ्तार न थमे।

35 से अधिक सड़कों पर नियम लागू, 22 डायवर्जन पॉइंट तय

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, वीआईपी काफिले की सुगम आवाजाही के दौरान ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए शहर में 22 प्रमुख डायवर्जन पॉइंट चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा 35 से ज्यादा ऐसी व्यस्त सड़कों की पहचान की गई है जहां वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित या डायवर्ट किया जाएगा। यह व्यवस्था मुख्य रूप से नई दिल्ली, सेंट्रल दिल्ली, साउथ दिल्ली और इनसे जुड़े प्रमुख कनेक्टिंग रूटों पर लागू रहेगी, जहां काफिला गुजरने के दौरान कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोका जा सकता है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता और दैनिक यात्रियों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा की योजना पहले से तैयार रखें, वैकल्पिक मार्गों का चयन करें और निजी वाहनों के बजाय दिल्ली मेट्रो जैसी सुलभ सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें।