आंधी, तूफान और मूसलाधार बारिश! 6 सितंबर को इन राज्यों में आफत वाला मौसम
सितंबर महीने की शुरुआत के साथ ही देश के बड़े हिस्से में मौसम ने अचानक तीखा तेवर अपना लिया है। भारतीय मौसम विभाग ने आज यानी 6 सितंबर को देश के कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी-तूफान को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के ऊपर बने एक सक्रिय निम्न दबाव के क्षेत्र की वजह से बादलों का डेरा कई राज्यों में फैल चुका है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई इलाकों में साठ से सत्तर किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ खेती-किसानी पर भी बड़ा असर पड़ने की आशंका है।
दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक बरसेंगे बदरा
राजधानी दिल्ली में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है और देर शाम तक गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है। इस दौरान तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से तो राहत मिलेगी लेकिन शाम के वक्त आवाजाही में परेशानी हो सकती है। वहीं उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है।
गाजियाबाद, मेरठ, गौतम बुद्ध नगर, सहारनपुर के साथ-साथ लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और कुशीनगर में तेज हवाओं के साथ पानी बरसने के आसार हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।
बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बिगड़ेगा मौसम का मिजाज
पड़ोसी राज्य बिहार में भी मौसम के तेवर तल्ख बने हुए हैं। पटना, गया, जहानाबाद, बक्सर, रोहतास से लेकर पूर्णिया, भागलपुर और दरभंगा जैसे जिलों में सत्तर किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से खतरनाक हवाएं चलने और भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
इसके अलावा राजस्थान के जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा और उदयपुर तथा मध्य प्रदेश के इंदौर, सागर, विदिशा, कटनी, दमोह और खंडवा जिलों में भी बादलों का तांडव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में बने लो प्रेशर एरिया के कारण यहां भारी से बहुत भारी वर्षा होने की आशंका है, जिसे लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा और नदियों का बढ़ता जलस्तर
मैदानी इलाकों के अलावा पहाड़ी राज्यों में भी मौसम की मार देखने को मिल रही है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में तीव्र बारिश के चलते पहाड़ों के दरकने यानी भूस्खलन का बड़ा खतरा मंडरा रहा है, जिससे कई संवेदनशील सड़कों पर यातायात बाधित हो सकता है। इसके साथ ही उत्तर और पूर्व भारत के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने आम जनता को सलाह दी है कि वे आंधी-तूफान और खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और पूरी सावधानी बरतें।