चीनी की कीमतों को लेकर सरकार सख्त; इंपोर्टेड स्टॉक पर नया नियम, जानें क्या बदला

चीनी की कीमतों को लेकर सरकार सख्त; इंपोर्टेड स्टॉक पर नया नियम, जानें क्या बदला

घरेलू बाजार में मीठे के जायके पर महंगाई का असर न पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार पूरी तरह हरकत में आ चुकी है। चीनी की बढ़ती कीमतों को थामने और बाजार में लगातार सप्लाई बनाए रखने के लिए आयात नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है।

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, टैरिफ रेट कोटा के तहत विदेश से मंगाई जाने वाली कच्ची चीनी को अब रिफाइन करके महज दो महीने के भीतर खुले बाजार में उतारना होगा। सरकार का यह कदम सीधे तौर पर जमाखोरी पर लगाम लगाने के इरादे से उठाया गया है।

आयातित चीनी पर 60 दिन की समयसीमा तय

पूर्व में आयातित कच्ची चीनी को प्रोसेस करके बेचने के लिए 31 अक्टूबर तक का लंबा समय दिया गया था। अब इस अवधि को घटाकर बेहद सीमित कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत बिल ऑफ एंट्री दर्ज होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर कच्ची चीनी को पूरी तरह रिफाइन कर बाजार में सप्लाई करना अनिवार्य रहेगा। इस कड़े कदम का सीधा असर यह होगा कि आयातित स्टॉक लंबे समय तक गोदामों में बंद नहीं रहेगा और उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच सुनिश्चित होगी।

स्टॉक लिमिट और 10 लाख टन आयात की छूट

कीमतों के दबाव को कम करने के लिए सरकार ने 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन चीनी आयात की मंजूरी दी है। इसके साथ ही, सॉफ्ट ड्रिंक, मिठाई और आइसक्रीम बनाने वाली बड़ी उपभोक्ता कंपनियों तथा थोक व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सख्त सीमा तय कर दी गई है। राज्य सरकारों को भी पूरी निगरानी रखने और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

देश में चीनी का मौजूदा गणित और उत्पादन की स्थिति

भारतीय चीनी उद्योग संगठन (ISMA) के अनुसार, देश में आपूर्ति को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। पुराना स्टॉक और चालू सीजन का उत्पादन मिलाकर घरेलू जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। इथेनॉल निर्माण में इस्तेमाल के बाद इस सीजन में शुद्ध चीनी उत्पादन करीब 279 लाख टन रहने का अनुमान है। 50 लाख टन के शुरुआती स्टॉक के साथ कुल उपलब्धता लगभग 280 से 285 लाख टन की सालाना मांग को पूरा करने में सक्षम है। हालांकि, गन्ने की फसल में कीट प्रकोप और अत्यधिक बारिश के चलते आगामी सीजन के उत्पादन अनुमान को 343 लाख टन से घटाकर 306 लाख टन आंका गया है।