नेपाल में बाढ़-भूस्खलन से हाहाकार, भारत ने तैयार की बचाव की पूरी रणनीति

नेपाल में बाढ़-भूस्खलन से हाहाकार, भारत ने तैयार की बचाव की पूरी रणनीति

नेपाल में मूसलाधार बारिश और विनाशकारी बाढ़ के बाद उपजे हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। संकट की इस घड़ी में भारत ने अपने पड़ोसी देश की ओर पूरी ताकत से मदद का हाथ बढ़ाया है। शुक्रवार को भी प्रभावित इलाकों में व्यापक स्तर पर राहत अभियान संचालित किया जा रहा है।

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी खाद्य और राहत सामग्री के साथ-साथ अब विशेष बचाव दल भी जमीनी स्तर पर तैनात करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

राहत सामग्री की तीसरी खेप रवाना, टनल रेस्क्यू टीम का भी होगा रुख

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने राहत मिशन के ताजा घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि मानवीय सहायता की दो खेप पहले ही विशेष विमानों के जरिए काठमांडू पहुंचाई जा चुकी हैं, जबकि शुक्रवार शाम तक तीसरी बड़ी खेप भी रवाना की जा रही है।

नेपाल सरकार के विशेष आग्रह पर भारत अब सुरंगों और मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष टनल रेस्क्यू टीम भेजने की प्रक्रिया में है। इस अभियान को व्यवस्थित ढंग से अंजाम देने के लिए सबसे पहले एक रेकी दल भेजा जा रहा है, जो जमीनी परिस्थितियों और आवश्यक तकनीकी उपकरणों का मौके पर जाकर आकलन करेगा। इसके साथ ही घायलों के त्वरित उपचार के लिए विशेष मेडिकल टीम भी रवाना की जा रही है।

टूटे रास्तों को जोड़ने के लिए बेली ब्रिज और एनडीआरएफ की पेशकश

बाढ़ और भूस्खलन के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में कई अहम संपर्क मार्ग पूरी तरह कट चुके हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए भारत ने बेली ब्रिज और उनके विशेषज्ञ इंजीनियरों का दल भेजने की पेशकश रखी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एक बेली ब्रिज पहले से ही क्षेत्र में उपलब्ध है, जिसका उपयोग तुरंत यातायात बहाल करने के लिए किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त भारत ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की प्रशिक्षित टीमों को आधुनिक बचाव उपकरणों के साथ भेजने का औपचारिक प्रस्ताव भी नेपाल प्रशासन को सौंपा है। जैसे ही नेपाल सरकार की ओर से हरी झंडी मिलती है, एनडीआरएफ के जवान खोज और बचाव मिशन में अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे।

Tags: