वह 'सरेंडर' गांधी कैसे बन गए? स्टारलिंक टिप्पणी पर राम माधव का राहुल गांधी पर तीखा हमला

वह 'सरेंडर' गांधी कैसे बन गए? स्टारलिंक टिप्पणी पर राम माधव का राहुल गांधी पर तीखा हमला

भारतीय राजनीति के पटल पर सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक (Starlink) और इसके मालिक एलन मस्क (Elon Musk) को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है। इस पूरे विवाद के केंद्र में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क के बीच सोशल मीडिया मंच 'X' पर हुई बातचीत है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ा एतराज जताते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी के रुख पर सीधा और तीखा हमला बोला है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता राम माधव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए उन्हें 'सरेंडर गांधी' करार दिया। राम माधव ने सवाल उठाया कि जो कांग्रेस नेता पहले हम पर अमेरिकी उद्योगपतियों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के सामने सरेंडर करने का आरोप लगाते थे, वे आज अचानक खुद एलन मस्क के समर्थन में इतने उतावले और समर्पित कैसे नजर आने लगे हैं?

एलन मस्क के बयान पर राहुल की प्रतिक्रिया और बीजेपी का पलटवार: 'भारत कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है'

पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब एलन मस्क ने एक्स पर आरोप लगाया कि स्टारलिंक पिछले 5 वर्षों से भारतीय कानूनों और सभी आवश्यक औपचारिकताओं का पालन कर रही है, फिर भी उसे स्पेक्ट्रम लाइसेंस नहीं मिल पा रहा है। मस्क के इस बयान पर चुटकी लेते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा— "वेलकम टू इंडिया एलन, जब तक आप दूसरे व्यक्ति को नहीं जान लेते"। मस्क ने भी राहुल गांधी का शुक्रिया अदा करते हुए इसे चिंताजनक बताया। राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेता राम माधव ने दो टूक कहा कि एलन मस्क को समझना चाहिए कि वे किसी 'बनाना रिपब्लिक' (Banana Republic) के साथ डील नहीं कर रहे हैं, बल्कि भारत एक संप्रभु और मजबूत राष्ट्र है जहां नियम-कायदे सभी के लिए बराबर हैं।

जयराम रमेश के पुराने बयानों का हवाला: क्या रातों-रात बदल गई कांग्रेस की नीति?

राम माधव ने कांग्रेस पार्टी की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश के पुराने बयानों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि कुछ ही महीने पहले कांग्रेस और खुद जयराम रमेश मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर यह कह रहे थे कि एलन मस्क की स्टारलिंक तकनीक भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकती है। राम माधव ने सवाल किया कि फिर रातों-रात ऐसा क्या जादू हो गया कि जो स्टारलिंक कल तक देश की सुरक्षा के लिए खतरा थी, आज राहुल गांधी उसकी वकालत करने में जुट गए हैं? आखिर कांग्रेस को ऐसा क्या मिल गया कि वे अचानक एलन मस्क की सेवा में तत्पर दिख रहे हैं और 'सरेंडर गांधी' का रूप ले चुके हैं?

स्पेक्ट्रम आवंटन पर मोदी सरकार का कड़ा संदेश: नियमों और कानून के तहत ही होगा फैसला

बीजेपी नेता ने साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में सभी फैसले पूरी निष्पक्षता और संवैधानिक दायरे में लिए जाते हैं। उन्होंने यह भी खारिज किया कि किसी भारतीय उद्योगपति को अनुचित फायदा पहुंचाया जा रहा है। राम माधव ने कहा कि मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो और सुनील भारती मित्तल की एयरटेल भी उसी कतार में खड़ी हैं जिसमें स्टारलिंक मौजूद है। स्पेक्ट्रम का आवंटन किसी के दबाव में या किसी विदेशी उद्योगपति को खुश करने के लिए नहीं होगा, बल्कि देश के हितों, सुरक्षा मानकों और पारदर्शी प्रक्रियाओं के तहत ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यूपीए सरकार के दौरान हुए स्पेक्ट्रम घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के दौर में स्पेक्ट्रम बेतहाशा और भ्रष्ट तरीकों से बांटा जाता था, लेकिन मोदी सरकार में कानून का राज चलता है।

टेक वार और कॉर्पोरेट राजनीति के बीच फंसी भारतीय कूटनीति: आगे क्या होगा?

सैटेलाइट ब्रॉडबैंड इंटरनेट के इस वैश्विक बाजार में भारत एक बहुत बड़ा और आकर्षक मार्केट है। एलन मस्क और भारतीय दूरसंचार कंपनियों के बीच चल रही इस कमर्शियल जंग को अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग दे दिया गया है। राहुल गांधी और एलन मस्क के बीच बनी इस नई केमिस्ट्री पर बीजेपी का हमला यह दर्शाता है कि सरकार विदेशी कंपनियों के दबाव के आगे झुकने के मूड में बिल्कुल नहीं है। राम माधव के इस बयान से यह स्पष्ट हो चुका है कि आने वाले दिनों में स्टारलिंक के लाइसेंस और स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर भारतीय संसद से लेकर सोशल मीडिया के गलियारों तक राजनीतिक वार-पलटवार और तेज होने वाला है।