पाकिस्तान नहीं... भारत का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी कोई और है! पूर्व सेना प्रमुख के इस खुलासे से हलचल

पाकिस्तान नहीं... भारत का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी कोई और है! पूर्व सेना प्रमुख के इस खुलासे से हलचल

पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और पड़ोसी देशों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उनका स्पष्ट रूप से मानना है कि भले ही नई दिल्ली का ध्यान पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के कारण पश्चिमी सीमा पर केंद्रित रहता है, लेकिन दीर्घकालिक नजरिए से चीन ही भारत का सबसे बड़ा और मुख्य प्रतिद्वंद्वी बना रहेगा।

पुणे में नई किताब के विमोचन पर बेबाक राय

साल 2020 की ऐतिहासिक गलवान घाटी हिंसक झड़प के दौरान भारतीय सेना का नेतृत्व करने वाले जनरल नरवणे ने अपनी ये बेबाक राय महाराष्ट्र के पुणे में रखी। वह रूपा पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित अपनी नई किताब 'द क्यूरियस एंड द क्लासिफाइड: अनअर्थिंग मिलिट्री मिथ्स एंड मिस्ट्रीज' (The Curious and the Classified: Unearthing Military Myths and Mysteries) के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

चीन 'शत्रु' नहीं बल्कि 'प्रतिद्वंद्वी' है

पूर्व सेना प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने चीन और पाकिस्तान दोनों के साथ युद्ध लड़े हैं और हमारी सीमाएं भी अशांत हैं, लेकिन दोनों देशों की श्रेणी बिल्कुल अलग है। जनरल नरवणे ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को लगातार समर्थन दे रहा है, जिससे वह एक सीधा खतरा है। लेकिन आने वाले वर्षों में चीन हमारा मुख्य प्रतिद्वंद्वी होगा। उन्होंने जानबूझकर 'शत्रु' की जगह 'प्रतिद्वंद्वी' (Competitor/Adversary) शब्द का इस्तेमाल किया। उनका मानना है कि आने वाले समय में चीन के साथ राजनीति, अर्थव्यवस्था, व्यापार और सैन्य शक्ति जैसे कई मोर्चों पर भारत की कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी।