भारत में फिर लगेगा लॉकडाउन? PM मोदी की अपील के बाद तेल मंत्री ने तोड़ी चुप्पी, अफवाहों पर दिया बड़ा अपडेट
Up kiran, Digital Desk :पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच भारत में एक बार फिर 'लॉकडाउन' की चर्चा शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए की गई विशेष अपील के बाद आम जनता के मन में कई सवाल उठ रहे थे। इन तमाम कयासों और सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बड़ा बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
क्या देश में फिर लगेगा लॉकडाउन? मंत्री ने दिया सीधा जवाब
राजधानी दिल्ली में आयोजित 'CII एनुअल बिजनेस समिट 2026' के दौरान हरदीप सिंह पुरी ने उन सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें देश में फिर से लॉकडाउन लगाने का दावा किया जा रहा था। मंत्री ने साफ लहजे में कहा, "सरकार की फिलहाल लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी की अपील का मकसद जनता को डराना नहीं, बल्कि वैश्विक संकट के इस दौर में देश को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए जागरूक करना है।
PM मोदी की 'किफायत' वाली अपील: आखिर क्या है सरकार का प्लान?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश के नाम एक संदेश में ईंधन और विदेशी मुद्रा बचाने पर जोर दिया है। पीएम का मानना है कि यदि हम अपनी छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करें, तो पश्चिम एशिया के युद्ध से उत्पन्न होने वाले आर्थिक दबाव को कम किया जा सकता है। सरकार का मुख्य फोकस इन चार बिंदुओं पर है:
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ईंधन की बचत: निजी वाहनों के बजाय मेट्रो, बस और कारपूलिंग का ज्यादा इस्तेमाल करें।
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वर्क फ्रॉम होम: कंपनियों से आग्रह किया गया है कि वे कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दें ताकि सड़कों पर गाड़ियों की भीड़ और पेट्रोल-डीजल की खपत कम हो।
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इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV): प्रदूषण और तेल पर निर्भरता घटाने के लिए ईवी को प्राथमिकता दें।
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आयात पर नियंत्रण: सोने की खरीद और अनावश्यक विदेशी यात्राओं को फिलहाल टालने का सुझाव दिया गया है।
तेल की किल्लत से निपटने के लिए सरकार की बड़ी तैयारी
देश में ईंधन की कमी न हो, इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने युद्ध स्तर पर कदम उठाए हैं। हरदीप सिंह पुरी ने जानकारी दी कि सरकार ने घरेलू रसोई गैस (LPG) का उत्पादन 35,000 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 54,000 टन कर दिया है। इसके अलावा, भारत के पास 60 दिनों का कच्चा तेल और LNG का पर्याप्त भंडार सुरक्षित है। मंत्री ने कहा कि आपूर्ति पक्ष (Supply Side) पूरी तरह मजबूत है, इसलिए जनता को किसी भी तरह की 'पैनिक बाइंग' (घबराहट में खरीदारी) करने की जरूरत नहीं है।
सोना और विदेशी मुद्रा बचाने का 'मास्टर प्लान'
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और विलासिता की वस्तुओं के लिए बड़े पैमाने पर विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) खर्च करता है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से अपील की है कि नागरिक कम से कम एक साल के लिए सोना खरीदने के फैसले को टाल दें। इसके पीछे का तर्क यह है कि सोना आयात करने में देश का कीमती विदेशी मुद्रा भंडार खर्च होता है। इसी तरह, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने की बात कही गई है, ताकि खाद के आयात पर होने वाला खर्च बचाया जा सके।
सावधान रहें, घबराएं नहीं: आत्मनिर्भरता ही एकमात्र रास्ता
पेट्रोलियम मंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि यह समय घबराहट में आने का नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक की तरह देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देने का है। सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि वैश्विक युद्ध के कारण डॉलर की कमी और तेल की कीमतों में उछाल से आम आदमी को कैसे सुरक्षित रखा जाए। 'वर्क फ्रॉम होम' और 'कारपूलिंग' जैसे सुझाव केवल तेल बचाने के लिए नहीं, बल्कि देश की राजकोषीय स्थिति को स्थिर रखने के लिए दिए गए हैं।