पत्रकारों को सरकार का बड़ा तोहफा; 5 लाख का हेल्थ कवर, पेंशन दोगुनी और 3,000 पूजा भत्ता
मीडिया जगत से जुड़े कर्मियों और पत्रकारों के कल्याण के लिए नवान्न सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कई ऐतिहासिक योजनाओं और वित्तीय लाभों की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सेवानिवृत्त पत्रकारों की मासिक पेंशन में भारी वृद्धि करने के साथ-साथ स्वास्थ्य बीमा का दायरा पूरे देश में विस्तारित करने का ऐलान किया है। इस नई नीति का सबसे बड़ा लाभ यह है कि फील्ड रिपोर्टर्स के अलावा न्यूजरूम के डेस्क पर काम करने वाले सभी पात्र मीडियाकर्मियों को भी इसमें शामिल किया गया है।
मासिक पेंशन ₹2500 से बढ़कर हुई ₹5000, डेस्क पत्रकारों को भी मिलेगा लाभ
वरिष्ठ और सेवानिवृत्त पत्रकारों के जीवन-यापन को सुगम बनाने के लिए मासिक पेंशन को ₹2,500 से सीधे दोगुना करके ₹5,000 प्रति माह कर दिया गया है। पहले इस योजना का लाभ महज 154 पत्रकारों तक सीमित था, लेकिन अब इसका दायरा व्यापक कर दिया गया है। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी। खास बात यह है कि जिन पात्र पत्रकारों के पास प्रेस एक्रिडिटेशन (अधिमान्यता कार्ड) नहीं है या जो न्यूजरूम में डेस्क पर कार्यरत रहे हैं, वे भी तय योग्यता के आधार पर इस बढ़ी हुई पेंशन के हकदार होंगे।
₹5 लाख तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवच, देश के 38,000 अस्पतालों में इलाज की सुविधा
पत्रकारों और उनके आश्रित परिजनों को आयुष्मान भारत तथा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस उपचार मिलेगा। अब यह सुविधा केवल राज्य के 1900 सरकारी व निजी अस्पतालों तक सीमित न रहकर देश भर के 38,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में उपलब्ध होगी। गंभीर बीमारियों की स्थिति में पत्रकार वेल्लोर सीएमसी, मुंबई के टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल, चंडीगढ़ पीजीआई सहित हैदराबाद और बेंगलुरु के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों में उपचार करा सकेंगे। जो पत्रकार पहले से आयुष्मान भारत में पंजीकृत हैं, उन्हें अलग कार्ड की आवश्यकता नहीं होगी।
प्रेस एक्रिडिटेशन कार्ड के नियमों में सरलीकरण और ₹3,000 पूजा भत्ता
प्रेस अधिमान्यता कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाते हुए स्क्रीनिंग समिति के स्तर पर होने वाली बेवजह देरी को समाप्त करने का निर्देश दिया गया है। मानक पूरे करने वाले सभी पत्रकारों को समयबद्ध तरीके से कार्ड निर्गत किए जाएंगे। इसके साथ ही आगामी त्योहारों के मद्देनजर आवेदन करने वाले सभी पत्रकारों को ₹3,000 का पूजा भत्ता देने की घोषणा की गई है। भत्ते के आवंटन में राजधानी कोलकाता और सुदूर जिलों के पत्रकारों के बीच पूर्ण समानता रखी जाएगी।