60 किलोमीटर अंदर तक घुस आया चीन; सनसनीखेज दावों पर मंत्री किरेन रिजिजू ने बताई सारी बात
अरुणाचल प्रदेश से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर चीन की कथित गतिविधियों को लेकर उठे सवालों के बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्थिति साफ की है। उन्होंने भारतीय क्षेत्र में चीन की किसी नई घुसपैठ की खबरों को खारिज किया है। उनका कहना है कि सीमा पर भारतीय सेना और ITBP पूरी सतर्कता के साथ तैनात हैं। सुरक्षा बलों ने इलाके में निगरानी और गश्त को भी मजबूत किया है।
लोंगजू इलाके का विवाद नया नहीं
लोंगजू के पास चीन की ओर से गांव जैसी संरचनाएं बनाए जाने को लेकर हाल में चिंता जताई गई थी। रिजिजू ने इस मुद्दे को समझाते हुए कहा कि यह क्षेत्र 1959 के भारत-चीन टकराव के बाद से ही चीनी नियंत्रण में है। उस घटना में असम राइफल्स के जवानों की जान गई थी।
इसके बाद 1962 के युद्ध के दौरान चीन ने इस इलाके में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली थी। दोनों देशों के बीच सीमा का स्पष्ट सीमांकन नहीं होने के कारण इस क्षेत्र को लेकर भारत और चीन की अलग-अलग धारणाएं हैं। रिजिजू के मुताबिक भारतीय क्षेत्र में सेना की अग्रिम चौकियां मजबूती से मौजूद हैं।
60 किलोमीटर अंदर आने का दावा गलत: रिजिजू
केंद्रीय मंत्री ने उस दावे को भी गलत बताया जिसमें PLA के भारतीय क्षेत्र में करीब 60 किलोमीटर तक पहुंचने की बात कही जा रही थी। उन्होंने कहा कि 1962 के युद्ध के बाद से इस क्षेत्र में दोनों तरफ से सामान्य आवागमन नहीं होता है।
रिजिजू ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कुछ तस्वीरों को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा। उनके अनुसार कुछ तस्वीरें बांग्लादेश और दूसरे इलाकों की हैं। इन्हें अरुणाचल प्रदेश की सीमा से जोड़कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना पुष्टि वाली ऐसी जानकारी से लोगों के बीच भ्रम फैलता है और सीमा पर तैनात जवानों का मनोबल भी प्रभावित हो सकता है।
कांग्रेस के आरोपों पर भी दिया जवाब
रिजिजू का बयान कांग्रेस की ओर से लगाए गए उन आरोपों के बाद आया है जिनमें अरुणाचल प्रदेश के टक्सिंग सेक्टर में भारतीय सैनिकों के पारंपरिक पेट्रोलिंग पॉइंट्स तक पहुंच को लेकर सवाल उठाए गए थे।
केंद्रीय मंत्री ने चीन के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताया जाता है। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है। देश की सीमा और संप्रभुता की रक्षा के लिए भारतीय सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं।
सीमा विवाद के बीच क्या समझना जरूरी है?
अरुणाचल प्रदेश से जुड़ा भारत-चीन सीमा विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। ऐसे में सीमा पर किसी भी गतिविधि की जानकारी सामने आने पर उसके स्रोत और तस्वीरों की पुष्टि करना जरूरी है। सरकार का ताजा रुख यह है कि भारतीय क्षेत्र में नई चीनी घुसपैठ की खबरें सही नहीं हैं और सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है।