मुंबई में करोड़ों की गोल्ड स्मगलिंग का भंडाफोड़, मशीन के पुर्जे में छिपा रखा था सोना
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की मुंबई जोनल यूनिट ने विदेशी नागरिकों द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गोल्ड स्मगलिंग रैकेट को ध्वस्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
खुफिया एजेंसी ने एक गुप्त ऑपरेशन को अंजाम देते हुए लगभग 1.10 करोड़ रुपये की बाजार कीमत का 691.870 ग्राम 24 कैरेट सोना जब्त किया है। सीमा शुल्क अधिनियम (कस्टम्स एक्ट), 1962 के कड़े प्रावधानों के तहत एक चीनी नागरिक और सामान आयात करने वाली कंपनी के मैनेजर समेत दो मुख्य आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार किया गया है।
ट्रेडमिल मोटर में छिपाकर हांगकांग से भेजा गया था 24 कैरेट सोना
डीआरआई के अधिकारियों के मुताबिक, तस्करी का यह बेहद शातिर और चौंकाने वाला तरीका था। सोने को एक फिटनेस ट्रेडमिल की भारी-भरकम मोटर के आंतरिक पुर्जों में चतुराई से छिपाया गया था। इस खेप को हांगकांग से मुंबई के एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स (एसीसी) में एक वैध कमर्शियल कंसाइनमेंट के रूप में मंगाया गया था। जब एजेंसी ने तकनीकी उपकरणों और विशेषज्ञों की मदद से गहन जांच की, तो मोटर के भीतर फिट की गई अर्धचंद्राकार (curved/arc-shaped) 24 कैरेट सोने की छड़ बरामद हुई, जिसका कुल वजन 691.870 ग्राम निकला और अनुमानित मूल्य 1.10 करोड़ रुपये है।
मुंबई से लेकर चेन्नई तक छापेमारी, संगठित गिरोह की खुली पोल
मुंबई एयर कार्गो में सोने की यह बड़ी बरामदगी होते ही डीआरआई की कई टीमों ने देश के चार प्रमुख औद्योगिक शहरों— मुंबई, चेन्नई, तिरुवल्लूर और चेंगलपट्टू में एक साथ तेज रफ्तार छापेमारी अभियान चलाया। इस सघन जांच में खुलासा हुआ कि भारत में सक्रिय चीनी नागरिकों के एक गिरोह ने स्थानीय भारतीय सहयोगियों के साथ सांठगांठ कर रखी थी। यह सिंडिकेट कानूनी रूप से वैध वाणिज्यिक आयात (लीगल कमर्शियल इंपोर्ट) की आड़ में विदेशी मशीनों के अंदर सोना छिपाकर सीमा शुल्क की आंखों में धूल झोंकने का एक बेहद सुनियोजित नेटवर्क चला रहा था।
दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट पर भी बड़ा एक्शन, ₹1.07 करोड़ का डायमंड ब्रेसलेट बरामद
सोने की तस्करी के खिलाफ यह कार्रवाई केवल मुंबई तक सीमित नहीं रही। दिल्ली कस्टम्स की टीम ने भी इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) पर दो तुर्की नागरिकों के पास से 1.07 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का कीमती हीरे जड़ा सोने का कंगन जब्त करने में कामयाबी पाई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए दिल्ली कस्टम्स (हवाई अड्डा एवं सामान्य) ने बताया कि 19 अगस्त को इस्तांबुल से इंडिगो फ्लाइट (6E-12) के जरिए टी-3 पर उतरे दो संदिग्ध तुर्की यात्रियों को प्रोफाइलिंग के आधार पर रोका गया था।
कस्टम्स एक्ट 1962 के तहत दोनों तुर्की यात्री सलाखों के पीछे
सीमा शुल्क निवारक अधिकारियों ने जब दोनों यात्रियों के सामान और उनकी व्यक्तिगत तलाशी ली, तो उनके पास से 750 शुद्धता (18 कैरेट) वाला एक बेहद खास सोने का कंगन बरामद हुआ। इस कंगन का कुल वजन 87.5 ग्राम था, जिसमें लगभग 50 कैरेट (करीब 10 ग्राम) वजन के उच्च गुणवत्ता वाले असली हीरे जड़े हुए थे। दिल्ली सीमा शुल्क के अनुसार, सटीक तलाशी से बरामद इस हाई-वैल्यू लग्जरी ज्वेलरी का अनुमानित बाजार मूल्य 1,07,86,301 रुपये आंका गया है। अधिकारियों ने इस कंगन को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 110 के तहत जब्त कर लिया, जबकि दोनों विदेशी नागरिकों को इसी कानून की धारा 104 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।