पीएम मोदी तो लगा देंगे सम्मान का शतक, पर जनता को क्या मिल रहा? संजय राउत का केंद्र पर बड़ा हमला

पीएम मोदी तो लगा देंगे सम्मान का शतक, पर जनता को क्या मिल रहा? संजय राउत का केंद्र पर बड़ा हमला

देश की सियासत में इस समय विदेश नीति, ईंधन संकट और नीट (NEET) पेपर लीक के मुद्दों को लेकर उबाल आया हुआ है। इसी बीच, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे तीखा तंज कसा है। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशों में जाकर सर्वोच्च नागरिक सम्मानों का शतक यानी सेंचुरी पूरी करने वाले हैं, लेकिन उनकी इन यात्राओं और पुरस्कारों से देश की आम जनता को कुछ हासिल नहीं हो रहा है। राउत ने आरोप लगाया कि एक तरफ पीएम को विदेशों में अवॉर्ड मिल रहे हैं, तो दूसरी तरफ देश की जनता को बेरोजगारी, बेकाबू महंगाई और चरमराती कानून-व्यवस्था का 'अवॉर्ड' मिल रहा है।

प्रधानमंत्री स्वीडन-नॉर्वे में व्यस्त और यहां जनता त्रस्त: संजय राउत

उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने पीएम मोदी के सात देशों के आधिकारिक विदेशी दौरों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता इस बात का जश्न मना रहे हैं कि नीदरलैंड या नॉर्वे जैसे देशों में प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत हो रहा है और उन्हें वहां का सर्वोच्च राजकीय सम्मान मिल रहा है। लेकिन राउत ने सवाल उठाया कि आखिर देश की जनता इन पुरस्कारों का क्या करे? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार आम जनता से कहती है कि ईंधन बचाने के लिए वे वर्क फ्रॉम होम (घर से बैठकर काम) करें, जबकि प्रधानमंत्री खुद लगातार 'जगत भ्रमण' पर निकले हुए हैं। राउत ने मांग की कि पीएम मोदी को अपनी सात देशों की विदेश यात्रा बीच में छोड़कर तुरंत भारत वापस आना चाहिए और देश के आंतरिक संकटों पर ध्यान देना चाहिए।

नीट पेपर लीक पर घिरी सरकार, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े नीट (NEET) परीक्षा विवाद पर भी संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से लेकर आईआईटी (IIT) जैसे देश के तमाम बड़े और प्रतिष्ठित संस्थान इस समय पूरी तरह से भाजपा के नियंत्रण में हैं। राउत ने सीधा सवाल किया कि अगर इन सभी संस्थाओं पर सरकार का कब्जा है और फिर भी देश में इतने बड़े पैमाने पर पेपर लीक हो रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? उन्होंने कहा कि इस धांधली के लिए सीधे तौर पर भाजपा ही जिम्मेदार है और देश के शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

चुनाव खत्म होते ही देश में ईंधन की किल्लत, राहुल गांधी की भविष्यवाणी हुई सच?

संजय राउत ने देश में अचानक गहराए ईंधन संकट (Fuel Crisis) को लेकर भी सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने याद दिलाया कि जब तक देश में लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया चल रही थी, तब तक ईंधन या किसी अन्य चीज की कोई किल्लत नहीं थी। लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हुए, अचानक सरकार कहने लगी कि देश में ईंधन का संकट पैदा हो गया है। राउत ने कहा कि मैंने और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव के दौरान ही देश की जनता को आगाह कर दिया था कि यह सरकार चुनाव खत्म होते ही अपनी असली रंग दिखाएगी और देश को संकट में धकेल देगी। उन्होंने पुणे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के काफिले का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ जनता से ईंधन बचाने की अपील की जा रही है और दूसरी तरफ नेताओं के काफिलों के लिए पुलिस रास्ते रोककर ईंधन की बर्बादी कर रही है।

विदेश नीति पर घेरा: क्या हमने खुद को 'ट्रंप निर्भर भारत' बना लिया है?

संजय राउत ने केंद्र सरकार की मौजूदा विदेश नीति को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे ईरान युद्ध जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर बात क्यों नहीं कर रही है? राउत ने पूछा कि आखिर भारत को रूस से रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदने में अब क्या परेशानी आ रही है? क्या अमेरिका के दबाव में आकर भारत सरकार ने कदम पीछे खींचे हैं? उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या हमने 'आत्मनिर्भर भारत' का नारा छोड़कर देश को 'ट्रंप निर्भर भारत' बना दिया है? चुनाव खत्म होते ही देश के सामने अचानक खड़ी हुई इन चुनौतियों को लेकर विपक्ष अब सरकार पर पूरी तरह हमलावर हो चुका है।

 

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