सत्य निकेतन हादसा: 100 मीटर दूर बैठा था PG संचालक, दीवार हटते ही ताश के पत्तों की तरह ढह गई 4 मंजिला इमारत

सत्य निकेतन हादसा: 100 मीटर दूर बैठा था PG संचालक, दीवार हटते ही ताश के पत्तों की तरह ढह गई 4 मंजिला इमारत

साउथ कैंपस के चर्चित छात्र इलाके सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए दर्दनाक पीजी हादसे की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पुलिस के सामने चौंकाने वाली कड़ियां जुड़ती जा रही हैं।

सात लोगों की जान लेने वाले इस हादसे के वक्त 'हॉस्टल डेज़' पीजी का मुख्य संचालक सुधांशु दुर्घटनास्थल से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित अपने दफ्तर में ही मौजूद था।

स्थानीय आक्रोश और भीड़ के हमले के डर से वह मौके पर जाने के बजाय कुछ संदिग्ध कॉल करने के बाद चुपचाप फरार हो गया। पुलिस अब सुधांशु के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है ताकि हादसे के ठीक पहले और बाद के नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

दुकान का लालच बना काल: लोड-बेयरिंग दीवार गिराते ही गिरी इमारत

जांच टीम की रडार पर ग्राउंड फ्लोर की वह दीवार आ गई है, जिसे दुकान का दायरा बढ़ाने के चक्कर में हादसे वाले दिन ही ढहाया गया था। जांचकर्ताओं का पुख्ता मानना है कि बेसमेंट और भूतल पर चल रहे अनियोजित बदलाव के दौरान जैसे ही इस अहम दीवार को काटा गया, पूरी बिल्डिंग अपना भार संभालने में नाकाम रही और पलक झपकत ही मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। इमारत के ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट को एक समान स्तर पर लाने के लिए पहले ही तहखाने में लगभग तीन ट्रक मलबा भरा जा चुका था, जिससे कमजोर ढांचे पर दबाव कई गुना बढ़ गया था।

लंच ब्रेक ने बचाई मजदूरों की जान, ठेकेदार कासगंज से गिरफ्तार

मामले में यूपी के कासगंज से गिरफ्तार श्रम ठेकेदार सनोज कुमार से पूछताछ में कई नए तथ्य मिले हैं। भवन मालिक महेश गुप्ता के इशारे पर काम कर रहे मजदूर पिछले 10 दिनों से निर्माण में जुटे थे। घटना के वक्त ये सभी श्रमिक दोपहर का खाना खाने बाहर निकले हुए थे, जिससे एक और बड़ा जानलेवा नुकसान टल गया। खाना खाकर जब सनोज लौटा तो मौके पर सिर्फ धूल और मलबे का अंबार नजर आ रहा था।

जर्जर हालत के चलते सस्ते में ली थी लीज, पार्टनर त्यागी अब भी फरार

भजनपुरा का रहने वाला सुधांशु अपने पार्टनर शुभम त्यागी के साथ साल 2022 से इस इलाके में सात पेइंग गेस्ट (PG) चला रहा था। जिस इमारत में यह हादसा हुआ, उसे अगस्त 2025 में 1.05 लाख रुपये के मासिक किराए पर लिया गया था। जर्जर स्थिति को भांपते हुए भी जोखिम की अनदेखी की गई और बिना बुनियादी सुरक्षा परखे सिर्फ दीवारों पर रंग-रोगन, एसी और फर्नीचर लगाकर छात्रों को ठहराया जा रहा था। इस पूरे मामले में फरार चल रहे सह-संचालक शुभम त्यागी की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।