'अबकी बार 10 मिलियन पार': सोशल मीडिया पर आई 'कॉकरोच जनता पार्टी' की आंधी, महज 5 दिन में बीजेपी को पछाड़ा; जानिए क्या है पूरा विवाद और मांगें

'अबकी बार 10 मिलियन पार': सोशल मीडिया पर आई 'कॉकरोच जनता पार्टी' की आंधी, महज 5 दिन में बीजेपी को पछाड़ा; जानिए क्या है पूरा विवाद और मांगें

इंटरनेट और सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक नया नाम सबसे तेजी से ट्रेंड कर रहा है और उसने देश के बड़े-बड़े सियासी सूरमाओं की नींद उड़ा दी है। यह नाम किसी पारंपरिक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का है। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत के एक कथित विवादित बयान के बाद विरोध स्वरूप शुरू हुई इस डिजिटल मुहिम ने अब देश की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को भी फॉलोअर्स की रेस में पीछे छोड़ दिया है। महज पांच दिन पहले सोशल मीडिया पर कदम रखने वाली इस वर्चुअल पार्टी ने इंस्टाग्राम पर लोकप्रियता के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं और 20 मई की रात तक इस पेज ने 90 लाख (9 मिलियन) से ज्यादा फॉलोअर्स का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है।

फॉलोअर्स की रेस में BJP को पछाड़ा, कांग्रेस अभी भी आगे

अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो इस डिजिटल क्रांति की रफ्तार हैरान करने वाली है। केंद्र की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल (@bjp4india) के पास इस समय लगभग 8.7 मिलियन फॉलोअर्स हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए अपने अकाउंट से 18,000 से अधिक पोस्ट शेयर करने पड़े हैं, जबकि 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने महज 54 पोस्ट और सिर्फ पांच दिनों के भीतर यह इतिहास रच दिया। अन्य प्रमुख दलों की बात करें तो मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के पास फिलहाल 13.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं और आम आदमी पार्टी (AAP) 1.9 मिलियन फॉलोअर्स के साथ रेस में बनी हुई है।

'युवाओं की ताकत को कभी हल्के में मत लेना'

इंस्टाग्राम पर 90 लाख से ज्यादा का कुनबा जोड़ने वाली कॉकरोच जनता पार्टी का क्रेज सिर्फ एक प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है। माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स (ट्विटर) पर भी इसके 1.65 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं। यही नहीं, CJP की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अब तक 1.6 लाख (1.6 Lakh) से ज्यादा युवाओं ने बाकायदा अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सफलता को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के आधिकारिक हैंडल ने सीधे बीजेपी पर तंज कसा। उन्होंने लिखा, "युवाओं की ताकत को कभी हल्के में मत लेना। इसे 'दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी' कहते थे न।"

'अबकी बार 10 मिलियन पार' के मीम्स हुए वायरल

देश के युवाओं के बीच इस अनोखे सटायर (व्यंग्य) पेज को लेकर जबरदस्त दीवानगी देखी जा रही है और इंटरनेट पर मीम्स की बाढ़ आ गई है। बीजेपी के पुराने और बेहद लोकप्रिय चुनावी नारे की तर्ज पर अब सोशल मीडिया पर "अबकी बार 10 मिलियन पार" का हैशटैग टॉप ट्रेंड बना हुआ है। एक्स पर एक यूजर ने मशहूर शायर फिराक गोरखपुरी का एक बेहद मौजूं शेर साझा करते हुए लिखा, "देख रफ़्तार-ए-इंक़लाब 'फ़िराक़', कितना आहिस्ता और कितनी तेज़।" जहां पार्टी के समर्थक "पिक्चर अभी बाकी है दोस्तों" कहकर जश्न मना रहे हैं, वहीं आलोचक भी इस पर चुटकी लेने से पीछे नहीं हट रहे। एक यूजर ने लिखा, "भाई इंस्टाग्राम पर चुनाव जीतने की कोशिश कर रहा है।" जिस पर CJP के समर्थकों ने करारा जवाब देते हुए कहा, "वेट एंड वॉच (रुको और देखो)।" इस मुहिम से अब कई बड़े नेता और अभिनेता भी लगातार जुड़ते जा रहे हैं।

कौन है इस सटायर क्रांति का असली मास्टरमाइंड?

आखिर इंटरनेट को हिलाकर रख देने वाली इस पूरी मुहिम के पीछे दिमाग किसका है? इस अनोखी सटायर क्रांति के पीछे महाराष्ट्र के औरंगाबाद के रहने वाले 30 वर्षीय अभिजीत दिपके हैं। दिपके खुद को इस कॉकरोच जनता पार्टी का संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष बताते हैं। अगर उनकी प्रोफाइल पर नजर डालें तो अभिजीत ने हाल ही में अमेरिका की प्रतिष्ठित बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस (PR) में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। इसके साथ ही उनका राजनीतिक जुड़ाव भी रहा है; वे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया टीम में बतौर वॉलंटियर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसी पीआर और सोशल मीडिया के अनुभव का इस्तेमाल उन्होंने इस मुहिम को खड़ा करने में किया है।

CJI सूर्यकांत के किस बयान पर भड़का युवाओं का गुस्सा?

इस पूरी कहानी की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट के भीतर से हुई थी। दरअसल, मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने शीर्ष अदालत में एक मामले की सुनवाई के दौरान देश के बेरोजगार युवाओं की तुलना कथित तौर पर कॉकरोच से कर दी थी। CJI ने अपनी टिप्पणी में कहा था, ''कुछ युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जिन्हें न कोई रोजगार मिलता है और न ही किसी पेशे में उनका कोई स्थान होता है। उनमें से कुछ मीडिया के क्षेत्र में जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया कार्यकर्ता बनते हैं, कुछ RTI कार्यकर्ता बनते हैं और फिर वे हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।'' देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के मुंह से बेरोजगारों के लिए ऐसी तुलना सुनकर युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने इसे एक बड़े डिजिटल आंदोलन में बदल दिया। पार्टी ने रोजगार और सम्मान को लेकर अपनी 5 प्रमुख मांगे भी देश के सामने रखी हैं, जिन्हें लेकर वे इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।

Tags: