गुजरात में वंदे भारत पर पत्थरबाजी! अंदर सफर कर रहीं थीं UP की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
देश की सबसे आधुनिक, हाई-स्पीड और प्रीमियम मानी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर हमलों की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पश्चिमी राज्य गुजरात से एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है, जहां पटरियों पर दौड़ रही वंदे भारत ट्रेन को असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाते हुए जोरदार पत्थरबाजी की। इस अचानक हुए हमले से ट्रेन की खिड़कियों के कांच टूट गए और यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। गनीमत यह रही कि इस भयानक पथराव में किसी भी यात्री को कोई गंभीर शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तुरंत मोर्चा संभाल लिया है और आरोपियों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है।
ट्रेन के अंदर उस वक्त सफर कर रही थीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
इस पूरी घटना का सबसे संवेदनशील और हैरान करने वाला पहलू यह है कि जिस समय इस वंदे भारत ट्रेन पर उपद्रवियों ने पत्थरों से हमला किया, ठीक उसी समय उस ट्रेन के अंदर उत्तर प्रदेश की वर्तमान राज्यपाल और गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल भी यात्रा कर रही थीं। वीवीआईपी (VVIP) मूवमेंट और देश के एक संवैधानिक पद पर आसीन शख्सियत के ट्रेन में मौजूद होने के बावजूद इस प्रकार की सुरक्षा चूक और उपद्रवियों द्वारा हमला किया जाना रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। आनंदीबेन पटेल गुजरात के एक आधिकारिक दौरे पर थीं और अपनी यात्रा के सिलसिले में इस ट्रेन से सफर कर रही थीं। घटना के तुरंत बाद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा सुरक्षा एजेंसियां अत्यधिक सतर्क हो गईं और राज्यपाल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया गया ताकि आगे किसी भी प्रकार की अनहोनी से पूरी तरह बचा जा सके।
पटरियों की सुरक्षा और असामाजिक तत्वों की नापाक हरकतें
भारतीय रेलवे पिछले कुछ वर्षों से लगातार वंदे भारत जैसी अत्याधुनिक ट्रेनों को देश की पटरियों पर उतारकर आधुनिकता की एक नई मिसाल पेश कर रहा है। देश के आम नागरिक भी इन ट्रेनों में सफर करने को लेकर बेहद उत्साहित रहते हैं, क्योंकि इससे कम समय में आरामदायक यात्रा पूरी होती है। लेकिन कुछ असामाजिक तत्व और शरारती बच्चे अक्सर पटरियों के पास खड़े होकर या छिपकर इन चलती हुई हाई-स्पीड ट्रेनों पर पत्थर फेंकने जैसी नीच हरकतों को अंजाम देते हैं। इस तरह के हमलों से न केवल करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचता है, बल्कि ट्रेन के भीतर बैठे हजारों निर्दोष यात्रियों की जान पर भी हमेशा खतरा मंडराता रहता है। रेलवे विभाग द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाने और स्कूलों-गांवों में जाकर लोगों को समझाने के बावजूद इस तरह की आपराधिक मानसिकता वाली घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं, जो समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।
रेलवे प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा की जा रही कड़ी कार्रवाई
वंदे भारत एक्सप्रेस पर हुए इस हमले के तुरंत बाद पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक और आरपीएफ के उच्च अधिकारियों ने घटना स्थल का जायजा लिया और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए। रेलवे पुलिस ने आसपास के थानों की मदद से पटरियों के किनारे बसे हुए गांवों और बस्तियों में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) और तकनीकी सर्विलांस की मदद से उन उपद्रवियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है जिन्होंने इस कायराना हरकत को अंजाम दिया है। रेलवे अधिनियम के तहत ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वालों के लिए गैर-जमानती धाराओं और भारी जुर्माने का प्रावधान है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो कोई भी इस प्रकार की राष्ट्र-विरोधी और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ मिसाल कायम करने वाली सख्त सजा दिलाई जाएगी।
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कड़े कदम
इस वीवीआईपी यात्रा के दौरान हुई इस पथराव की घटना ने रेलवे प्रशासन को भविष्य के लिए और अधिक सतर्क कर दिया है। पटरियों के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अब फेंसिंग (बाड़ लगाने) और हाई-डेफिनिशन कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। इसके साथ ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) की गश्त को पटरियों के दोनों किनारों पर और अधिक बढ़ा दिया गया है। देश की गौरवशाली वंदे भारत ट्रेनों की सुरक्षा और यात्रियों की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सरकार हर संभव कड़े कदम उठा रही है। आम जनता से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें कहीं भी पटरियों के आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें ताकि देश की संपत्तियों और नागरिकों की सुरक्षा को हमेशा सुरक्षित रखा जा सके।