80 की रफ्तार से चलेगी हवा, 20 राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट... दिल्ली से बंगाल तक बदलेगा मौसम; IMD का नया अपडेट

80 की रफ्तार से चलेगी हवा, 20 राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट... दिल्ली से बंगाल तक बदलेगा मौसम; IMD का नया अपडेट

देशभर में मानसून एक बार फिर अपने उग्र और सक्रिय रूप में लौट आया है, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम और ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, देश के करीब 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है। कई संवेदनशील क्षेत्रों में बादलों की गरज, बिजली चमकने के साथ-साथ तेज गति से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी दिल्ली से लेकर पश्चिम बंगाल और उत्तर भारत से लेकर दक्षिण के प्रायद्वीपीय हिस्सों तक मौसम प्रणाली सक्रिय हो चुकी है, जिससे आम जनजीवन और यातायात पर भी प्रभाव पड़ने की पूरी संभावना है।

उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, और जम्मू-कश्मीर के अलावा मैदानी इलाकों में भी बादलों का डेरा रहेगा। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ चुनिंदा हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में भी मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों—अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार हो रही वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है।

तूफानी हवाओं और वज्रपात को लेकर चेतावनी

आईएमडी ने आगाह किया है कि केवल भारी बारिश ही नहीं, बल्कि कई इलाकों में तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का भी तगड़ा खतरा बना हुआ है। कुछ संवेदनशील तटीय और मैदानी क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है। खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके चलते मौसम विभाग ने ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें।

यातायात और दैनिक गतिविधियों पर संभावित प्रभाव

मौसम के इस अचानक बदलाव और तूफानी मिजाज का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ना शुरू हो गया है। लगातार और तेज बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिससे सड़क यातायात के साथ-साथ रेल सेवाओं की रफ्तार भी धीमी हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा कर रहे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को खासतौर पर भूस्खलन (Landslide) और कीचड़ धंसने की घटनाओं से सावधान रहने की हिदायत दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने भी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए अपनी टीमों को पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया है ताकि किसी भी अनहोनी से तुरंत निपटा जा सके।