'पहले तुम खाओ...', दुकानदार को बचाने पहुंचे FDA अधिकारी को भीड़ ने घेरा, जबरन खिलाए....
देशभर में खाद्य सुरक्षा और मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले सरकारी अधिकारियों को अक्सर कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन उत्तर प्रदेश से सामने आया एक मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा करने वाले खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (FDA) के एक अधिकारी को जब एक दुकानदार को बचाने के लिए कड़ा कदम उठाना पड़ा, तो वहां मौजूद गुस्साई भीड़ ने उन्हीं पर धावा बोल दिया। मामला इतना बढ़ गया कि आक्रोशित भीड़ ने नियम तोड़ने वाले दुकानदार का समर्थन करते हुए FDA अधिकारी को ही घेर लिया और उन्हें कैमरे के सामने जबरन वही एक्सपायर्ड बिस्किट खाने के लिए मजबूर कर दिया। इस घटना का एक लाइव वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है कि आखिर कानून की रक्षा करने वालों के साथ इस तरह का सुलूक कैसे किया जा सकता है। इस अजीबोगरीब और तनावपूर्ण घटना ने खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक सुरक्षा पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना की शुरुआत तब हुई जब खाद्य सुरक्षा विभाग (FDA) की एक टीम को लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि स्थानीय बाजारों में कुछ बेईमान दुकानदार धड़ल्ले से एक्सपायर्ड और घटिया क्वालिटी के खाद्य पदार्थ बेच रहे हैं। आम जनता के स्वास्थ्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ का संज्ञान लेते हुए एफडीए के अधिकारी अपनी टीम के साथ एक किराना स्टोर पर औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे। दुकान के अंदर जब्ती और जांच की प्रक्रिया शुरू हुई, तो वहां भारी मात्रा में एक्सपायर्ड बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक्स और अन्य खाद्य सामग्रियां बरामद हुईं, जिन्हें बच्चों और आम ग्राहकों को बेचा जा रहा था। जब अधिकारी ने नियमों का हवाला देते हुए दुकानदार को खरी-खोटी सुनाई और कानूनी कार्रवाई के तहत सामान जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की, तो मौके पर भीड़ जमा होनी शुरू हो गई। स्थानीय लोगों को यह लगा कि अधिकारी किसी छोटी सी बात पर दुकानदार को परेशान कर रहे हैं, जबकि असलियत यह थी कि वह एक्सपायर्ड सामान लोगों की जान जोखिम में डाल रहा था।
स्थिति उस वक्त पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गई जब दुकानदार के समर्थन में आए स्थानीय लोगों ने कानून को अपने हाथ में ले लिया। भीड़ ने एफडीए अधिकारी को चारों तरफ से घेर लिया और उनके साथ बहस बाजी करने लगे। गुस्साई भीड़ का कहना था कि यदि यह सामान खाने योग्य नहीं है और अधिकारी इसे बेचने से मना कर रहे हैं, तो पहले अधिकारी खुद इसे खाकर दिखाएं कि यह कितना खतरनाक है। भीड़ के दबाव और आक्रामक रुख के आगे अधिकारी असहज नजर आए, और स्थिति को और अधिक हिंसक होने से बचाने के लिए उन्हें उस भीड़ के सामने भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने इसका वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म्स पर आग की तरह फैल चुका है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक सरकारी सेवक को अपनी ड्यूटी निभाने के दौरान जनता के भारी आक्रोश और अराजकता का सामना करना पड़ रहा है।
यह पूरी घटना केवल एक अधिकारी के साथ बदसलूकी का मामला नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज में कानून के प्रति सम्मान और खाद्य सुरक्षा के प्रति लापरवाही की एक बहुत बड़ी बानगी है। आज के समय में मुनाफा कमाने की होड़ में कई दुकानदार एक्सपायर्ड और मिलावटी सामान बेचने से नहीं हिचकिचाते हैं, और जब प्रशासन उन पर शिकंजा कसने की कोशिश करता है, तो कई बार स्थानीय दबाव के कारण अधिकारी अपनी ड्यूटी पूरी नहीं कर पाते हैं। इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग हरकत में आ गया है और वीडियो के आधार पर उन सभी उपद्रवी तत्वों की पहचान की जा रही है जिन्होंने सरकारी काम में बाधा डाली और अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार किया। जानकारों का कहना है कि यदि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इस तरह से डराया-धमकाया जाएगा, तो मिलावटखोरों के हौसला बुलंद हो जाएंगे और आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने का यह सिलसिला कभी नहीं रुकेगा। इस मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने की पूरी उम्मीद है ताकि भविष्य में कोई भी कानून को अपने हाथ में लेने की हिम्मत न कर सके।