घर बनाने के लिए खरीद रहे हैं प्लॉट? पहले जान लें साइज और मिट्टी का ये वास्तु नियम, वरना रुक जाएगी तरक्की
अपना खुद का आशियाना बनाना हर इंसान का सबसे बड़ा सपना होता है। इस सपने को सच करने के लिए लोग जीवनभर की जमा-पूंजी लगा देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस जमीन या प्लॉट पर आप अपना सपनों का महल खड़ा करने जा रहे हैं, उसका आकार और वहां की मिट्टी आपके आने वाले कल को पूरी तरह बदल सकती है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, किसी भी भूखंड (प्लॉट) का आकार, उसका अनुपात और वहां की मिट्टी आपके जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। अगर प्लॉट का वास्तु सही न हो, तो कड़ा परिश्रम करने के बाद भी तरक्की के रास्ते बंद हो जाते हैं। आइए जानते हैं कि वास्तु के नियमों के मुताबिक आपके प्लॉट का आदर्श साइज और मिट्टी कैसी होनी चाहिए।
प्लॉट का सबसे बेस्ट साइज: जब चारों दिशाओं से बरसती है सकारात्मक ऊर्जा
वास्तु शास्त्र में चौकोर या वर्गाकार (Square) प्लॉट को सबसे उत्तम और आदर्श माना गया है। उदाहरण के लिए 60x60 या 70x70 फीट का प्लॉट इस श्रेणी में आता है। इस तरह के चौकोर आकार वाले भूखंड की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि इसमें चुंबकीय और सौर ऊर्जा चारों दिशाओं से बिल्कुल समान रूप से प्रवाहित होती है और पूरी तरह बैलेंस रहती है। ऐसे प्लॉट पर बना हुआ घर वहां रहने वाले सदस्यों को मानसिक शांति, उत्तम स्वास्थ्य और जीवन में लगातार प्रगति प्रदान करता है।
आयताकार प्लॉट का जादुई अनुपात: घर और बिजनेस दोनों के लिए है बेहद शुभ
यदि आपको चौकोर प्लॉट नहीं मिल पा रहा है, तो आयताकार (Rectangular) प्लॉट दूसरा सबसे बेहतरीन विकल्प होता है। वास्तु के नियमों के अनुसार, आयताकार प्लॉट का आदर्श अनुपात 1:1.5 होना चाहिए, जैसे कि 30x45 या 60x90 फीट का साइज। इस अनुपात वाली जमीन को बेहद भाग्यशाली और शुभ माना जाता है। ऐसे प्लॉट पर आप चाहे रहने के लिए घर बनाएं या फिर कोई व्यावसायिक इमारत (कमर्शियल प्रॉपर्टी), यह दोनों ही मामलों में बंपर लाभ और उन्नति देने वाला साबित होता है।
भूलकर भी न खरीदें ज्यादा लंबा प्लॉट, बढ़ सकती हैं आर्थिक परेशानियां
प्लॉट खरीदते समय अक्सर लोग लंबाई-चौड़ाई के अनुपात पर ध्यान नहीं देते, जो कि भविष्य में भारी पड़ सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, 1:1.2 का अनुपात भी स्वीकार्य माना जाता है, लेकिन अगर कोई प्लॉट इससे ज्यादा लंबा या संकरा है, तो उसे खरीदने से बचना चाहिए। जरूरत से ज्यादा लंबे प्लॉट में सकारात्मक ऊर्जा का संतुलन बिगड़ जाता है। ऊर्जा का प्रवाह सही न होने के कारण ऐसे घरों में रहने वाले लोगों को आर्थिक तंगी, काम में रुकावटें और पैसों के नुकसान का सामना करना पड़ता है।
टेढ़ी-मेढ़ी और असमतल जमीन लाती है मानसिक तनाव
वास्तु विज्ञान में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो जमीन चारों कोनों से बराबर न हो, यानी टेढ़ी-मेढ़ी, त्रिकोणाकार या असमतल (ऊबड़-खाबड़) हो, वह रहने के लिहाज से कतई शुभ नहीं होती। ऐसी जमीन पर घर बनाने से परिवार में हमेशा कलह, बीमारियां और मानसिक तनाव का माहौल बना रहता है। इसके साथ ही प्लॉट की मिट्टी का भी अपना एक विशेष महत्व होता है। उपजाऊ और सकारात्मक गंध वाली मिट्टी को घर के लिए शुभ माना जाता है, जबकि कंकड़-पत्थर वाली या दूषित मिट्टी भाग्य को कमजोर करती है। इसलिए जब भी जमीन का सौदा करें, उसके आकार और अनुपात की जांच जरूर कर लें ताकि आपका घर खुशियों का ठिकाना बने।