Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर मिलेगी कालसर्प दोष और भय से मुक्ति, भगवान शिव और नाग देवता की कृपा पाने के लिए आज करें इन मंत्रों का जाप
सनातन धर्म में सावन का महीना शिव उपासना के लिए सबसे पावन माना गया है और इसी माह में आने वाली 'नाग पंचमी' (Nag Panchami 2026) का विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार, आज 13 अगस्त 2026, गुरुवार को नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। नागों को भगवान शिव का आभूषण माना जाता है और इस दिन नाग देवता की पूजा करने से न केवल भय और अनिष्ट का नाश होता है, बल्कि कुंडली में मौजूद 'कालसर्प दोष' (Kaal Sarp Dosh) जैसे कठिन दोषों से भी मुक्ति मिलती है। आज के दिन नाग देवता के मंत्रों का जाप करना आपके और आपके परिवार के लिए सौभाग्य का द्वार खोल सकता है।
नाग पंचमी और कालसर्प दोष का संबंध
ज्योतिष शास्त्र में कालसर्प दोष को जीवन में आने वाली बाधाओं, करियर में रुकावट और मानसिक अशांति का एक बड़ा कारण माना जाता है। नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से इस दोष के दुष्प्रभाव कम हो जाते हैं। मान्यताओं के अनुसार, आज नाग देवता को दूध अर्पित करने और उनकी विधि-विधान से पूजा करने से सर्प दंश का भय दूर होता है और घर में सुख-शांति व सुरक्षा का वास होता है।
संकट और दोष दूर करने वाले शक्तिशाली नाग मंत्र
नाग पंचमी के दिन इन मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। आप अपनी सुविधानुसार इनका श्रद्धापूर्वक जाप कर सकते हैं:
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नाग गायत्री मंत्र (सभी प्रकार के भय दूर करने के लिए):
$ॐ नवकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्पः प्रचोदयात्॥$
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अनंत नाग मंत्र (कालसर्प दोष निवारण के लिए):
$ॐ अनन्ताय नमः॥$
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सर्प दोष नाशक मंत्र (सुरक्षा के लिए):
$ॐ भुजंगेशाय विद्महे सर्पराजाय धीमहि तन्नो नागः प्रचोदयात्॥$
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भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए नाग मंत्र:
$ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः$ (भगवान कृष्ण और नागों का गहरा संबंध है, नाग पंचमी पर यह मंत्र भी बहुत फलदायी है) या $ॐ नमः शिवाय॥$
नाग पंचमी पर क्या करें, क्या न करें?
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पूजा विधि: आज के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत होकर नाग देवता की प्रतिमा या चित्र की पूजा करें। नाग देवता को दूध, जल, चंदन, पुष्प और अक्षत अर्पित करें।
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इन बातों का रखें ध्यान: नाग पंचमी के दिन जमीन की खुदाई करना, खेत जोतना या नुकीली चीजों का उपयोग करना शुभ नहीं माना जाता है।
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दान-पुण्य: इस दिन किसी जरूरतमंद को दूध या खीर का दान करना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है।
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शिव पूजा: नाग पंचमी पर महादेव की पूजा अनिवार्य है, क्योंकि नाग देवता उनके गले का हार हैं। शिव जी की पूजा के बिना नागों की पूजा अधूरी मानी जाती है।