Vat Purnima 2026 Date: 30 मई या 29 जून, आखिर कब है वट पूर्णिमा व्रत, ज्येष्ठ अधिक मास ने बदला समीकरण, नोट करें सही तारीख और शुभ मुहूर्त
हिंदू धर्म में विवाहित महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाने वाला वट पूर्णिमा (वट सावित्री) व्रत इस साल तारीखों के बड़े फेरबदल के कारण चर्चा में है। हर साल की तरह इस बार भी देश भर की सुहागिन महिलाओं के बीच इस बात को लेकर भारी असमंजस और कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई है कि व्रत आखिर किस दिन रखा जाए। इस साल पंचांग में ज्येष्ठ अधिक मास (मलमल मास) लगने की वजह से कैलेंडर का पूरा गणित बदल गया है, जिससे कई लोग परेशान हैं कि पूजा 30 मई को होगी या फिर जून के महीने में। अगर आप भी अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखे जाने वाले इस महाव्रत की सही तिथि को लेकर असमंजस में हैं, तो आइए पंचांग के अनुसार इसकी बिल्कुल सटीक तारीख और पूजा का सबसे उत्तम समय जानते हैं।
ज्येष्ठ अधिक मास का साया, जानिए क्यों 30 मई को नहीं रखा जाएगा व्रत
अक्सर देखा जाता है कि जब भी हिंदू पंचांग के महीनों के बीच में अधिक मास यानी अतिरिक्त महीना जुड़ता है, तो त्योहारों की तारीखों में बदलाव आना लाजमी है। साल 2026 में भी कुछ ऐसा ही अनोखा संयोग बन रहा है। इस साल 30 मई को ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा तिथि पड़ रही है, जिसके कारण कई महिलाओं को लग रहा था कि इसी दिन वट पूर्णिमा का व्रत संपन्न होगा। लेकिन ज्योतिषीय गणना और पंचांग के नियमों के अनुसार अधिक मास में मुख्य व्रत-त्योहार नहीं मनाए जाते हैं। इस साल अधिक मास 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक चलने वाला है। यही वजह है कि पारंपरिक रूप से मनाया जाने वाला मुख्य वट पूर्णिमा का उत्सव इस अतिरिक्त महीने के पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही वैध माना जाएगा।
पंचांग ने साफ की तस्वीर, इस दिन मनेगा वट पूर्णिमा का महापर्व
पंचांग के जानकारों और वैदिक कैलेंडर के अनुसार, साल 2026 में वट पूर्णिमा का व्रत 30 मई को बिल्कुल भी नहीं रखा जाएगा। इस साल सुहागिन महिलाएं 29 जून को वट पूर्णिमा का पावन व्रत रखेंगी। 15 जून को अधिक मास की समाप्ति के बाद जब शुद्ध ज्येष्ठ महीना शुरू होगा, तभी उसकी पूर्णिमा तिथि को यह पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं बरगद (वट) के पेड़ की परिक्रमा कर अपने अखंड सौभाग्य और सुहाग की रक्षा के लिए सूत का धागा बांधती हैं।
अमृत और लाभ चौघड़िया, नोट कर लें पूजा के पांच सबसे श्रेष्ठ शुभ मुहूर्त
29 जून को वट पूर्णिमा के दिन पूजा के लिए कई बेहद फलदायी और शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिनमें पूजा करने से सुहागिनों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी:
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अमृत मुहूर्त (सुबह): प्रातः 05:26 बजे से सुबह 07:11 बजे तक
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शुभ मुहूर्त: सुबह 08:55 बजे से सुबह 10:40 बजे तक
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चर मुहूर्त: दोपहर 02:09 बजे से दोपहर 03:54 बजे तक
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लाभ मुहूर्त: दोपहर 03:54 बजे से शाम 05:38 बजे तक
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अमृत मुहूर्त (शाम): शाम 05:38 बजे से रात 07:23 बजे तक
जब सावित्री की जिद के आगे यमराज को भी हारना पड़ा, जानिए पौराणिक व्रत कथा
वट पूर्णिमा के व्रत का सीधा संबंध पौराणिक काल की महान पतिव्रता नारी सावित्री और उनके पति सत्यवान से जुड़ा हुआ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावित्री एक अत्यंत समर्पित और संस्कारी पत्नी थीं, जिनके पति सत्यवान की अल्पायु में ही मृत्यु होना निश्चित था। एक दिन जब यमराज स्वयं सत्यवान के प्राण हरकर ले जाने लगे, तो सावित्री ने हार नहीं मानी और वह भी यमराज के पीछे-पीछे यमलोक के मार्ग पर चल पड़ीं। यमराज ने उन्हें कई बार रोकने और वापस लौटने की चेतावनी दी, लेकिन अटूट आस्था और दृढ़ संकल्प से भरी सावित्री अपने पति का साथ छोड़ने को तैयार नहीं हुईं। अंत में सावित्री की बुद्धिमत्ता, अगाध निष्ठा और महान भक्ति से प्रसन्न होकर मृत्यु के देवता यमराज ने हार मान ली और सत्यवान को दोबारा जीवनदान दे दिया। ऐसा माना जाता है कि जिस दिन सत्यवान के प्राण वापस आए, वह ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा का ही दिन था। तभी से हिंदू संस्कृति में विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि के लिए बरगद के पेड़ की छांव में बैठकर यह पावन व्रत रखती हैं।