एशियन गेम्स 2026: जापान में क्रिकेटरों की बढ़ी मुश्किलें, छोटे होटल रूम और बेसबॉल पिच पर बवाल

एशियन गेम्स 2026: जापान में क्रिकेटरों की बढ़ी मुश्किलें, छोटे होटल रूम और बेसबॉल पिच पर बवाल

जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 के शुरू होने से पहले क्रिकेट वेन्यू और खिलाड़ियों के ठहरने के इंतजामों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारत और पाकिस्तान सहित एशिया के प्रमुख क्रिकेट बोर्ड्स ने आयोजकों की लचर व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई है। टूर्नामेंट शुरू होने में महज कुछ ही हफ्ते बाकी हैं, लेकिन खिलाड़ियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है।

बेसबॉल मैदान को बनाया क्रिकेट ग्राउंड, पिच की गुणवत्ता पर उठे सवाल

नागोया के समीप स्थित निशिन शहर के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में क्रिकेट मुकाबले खेले जाने हैं, जो मूल रूप से एक बेसबॉल स्टेडियम था। मार्च में इसे आनन-फानन में क्रिकेट मैदान के रूप में तब्दील किया गया। मैदान पर अब भी बेसबॉल का पिचर्स माउंड मौजूद है और यहां केवल 2000 दर्शकों की क्षमता वाले अस्थायी स्टैंड बनाए गए हैं। मैदान में हाइब्रिड पिच लगाई गई है जिसे मई में आईसीसी क्वालिफायर के अलावा किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परखा नहीं गया है। इसके अलावा स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक प्रॉपर ड्रेसिंग रूम भी उपलब्ध नहीं हैं।

होटल के कमरों में जगह की किल्लत, किट बैग रखने तक की जगह नहीं

एशियन गेम्स के इस संस्करण में पारंपरिक खेल गांव (एथलीट्स विलेज) नहीं बनाया गया है, जिसके चलते क्रिकेटरों को मैदान से करीब 20 किलोमीटर दूर नागोया के होटलों में ठहराया जा रहा है। इन कमरों का आकार इतना छोटा है कि दो खिलाड़ियों के सामान और बड़े किट बैग रखने के बाद कमरे में खड़े होने की जगह भी नहीं बचती। कई बोर्ड अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई है कि एथलीट इतने संकरे कमरों में कैसे आराम कर पाएंगे।

एशियन क्रिकेट काउंसिल की दखल और बीसीसीआई की बातचीत

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा एसीसी की बैठक में इस मुद्दे को उठाने के बाद एशियाई क्रिकेट परिषद ने स्थिति की समीक्षा के लिए अपने प्रतिनिधियों को जापान भेजने का निर्णय लिया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भी भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और खेल आयोजन समिति के सामने इन चिंताओं को रखा है। भारत की महिला टीम 17 सितंबर से और पुरुष टीम 28 सितंबर से अपने अभियान का आगाज करने जा रही है, जिससे पहले इन प्रशासनिक खामियों को सुलझाना आयोजकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।