गाले में पडिक्कल का तूफान! श्रीलंका के खिलाफ खेली 167 रनों की ऐतिहासिक पारी, डिविलियर्स ने की तारीफ

गाले में पडिक्कल का तूफान! श्रीलंका के खिलाफ खेली 167 रनों की ऐतिहासिक पारी, डिविलियर्स ने की तारीफ

भारत और श्रीलंका के बीच गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में चल रही टेस्ट सीरीज में एक युवा सितारा पूरी तरह छा गया है। देवदत्त पडिक्कल ने अपनी बेहतरीन क्लास दिखाते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाते हुए 230 गेंदों का सामना करके 167 रनों की लाजवाब पारी खेली। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारतीय टीम ने नौ विकेट के नुकसान पर 460 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर लिया। इस दमदार प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि भारतीय टीम मैनेजमेंट का यह फैसला बिल्कुल सही था।

सरफराज खान की जगह पडिक्कल ही क्यों?

इस सीरीज से ठीक पहले एक चोटिल खिलाड़ी की जगह सरफराज खान को टीम में शामिल किया गया था। क्रिकेट जगत में इस बात पर काफी बहस चल रही थी कि अंतिम एकादश में सरफराज को मौका मिलना चाहिए या पडिक्कल को। हालांकि दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज खिलाड़ी एबी डी विलियर्स मैच से पहले ही पडिक्कल का समर्थन कर रहे थे। उनका स्पष्ट मानना था कि श्रीलंकाई पिचों पर जहां स्पिन और सीम दोनों का प्रभाव होता है वहां एक ऑलराउंड विशेषज्ञ की सख्त जरूरत होती है। पडिक्कल लंबे समय तक क्रीज पर टिक कर पारी को संवार सकते हैं और मौका मिलने पर तेजी से रन भी बटोर सकते हैं।

आईपीएल के दिनों को डीविलियर्स ने किया याद

अपने यूट्यूब चैनल पर खेल का विश्लेषण करते हुए मिस्टर 360 डिग्री ने पडिक्कल की तकनीक की जमकर तारीफ की। उन्होंने साल 2020 और 2021 के आईपीएल सीजन का जिक्र किया जब दोनों एक ही टीम के लिए एक साथ बल्लेबाजी करते थे। डी विलियर्स ने बताया कि एक बाएं हाथ के बल्लेबाज के तौर पर युवा पडिक्कल के साथ खेलना उनके लिए बहुत शानदार अनुभव था। लंबे कद का होने के बावजूद यह युवा खिलाड़ी शॉर्ट पिच गेंदों को बहुत ही आसानी से खेलता है। वह आधुनिक भारतीय क्रिकेट के उन खास बल्लेबाजों में से हैं जो तेज बाउंसर का डटकर सामना कर सकते हैं।

शांत स्वभाव और हमेशा सीखने की ललक

डी विलियर्स ने सिर्फ उनकी तकनीकी खूबियों की ही बात नहीं की बल्कि उनके बेहतरीन बर्ताव पर भी रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि पडिक्कल बेहद शांत संयमित और जमीन से जुड़े हुए इंसान हैं। दिग्गज क्रिकेटर के अनुसार इस युवा खिलाड़ी में बिल्कुल भी घमंड नहीं है। मैदान पर जब भी उन्हें कोई वरिष्ठ खिलाड़ी सलाह देता था तो वह उसे बहुत ध्यान से सुनते थे। उनका यही रवैया और सीखने की ललक उन्हें आज अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में सफलता के मुकाम तक ले जा रही है।