FIFA World Cup 2026: 'यह फैसला समझ से परे है!' इंग्लैंड टीम सिलेक्शन पर भड़के काइल वॉकर...

FIFA World Cup 2026: 'यह फैसला समझ से परे है!' इंग्लैंड टीम सिलेक्शन पर भड़के काइल वॉकर...

दुनिया के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित खेल महाकुंभ फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। आगामी 11 जून से शुरू होने वाले इस मेगा टूर्नामेंट में इस बार 48 टीमें फुटबॉल के सबसे बड़े खिताब को जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकने वाली हैं। हर बार की तरह इस बार भी थ्री लायंस यानी इंग्लैंड की टीम को विश्व कप का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। लेकिन टूर्नामेंट की किक-ऑफ से ठीक पहले इंग्लैंड फुटबॉल टीम के भीतर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मुख्य कोच थॉमस ट्यूशेल द्वारा घोषित की गई टीम में कई दिग्गज और स्टार खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बाद फुटबॉल जगत हैरान है, जिस पर अब पूर्व इंग्लिश फुलबैक काइल वॉकर ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

बड़े नामों की छुट्टी देख भड़के काइल वॉकर, मैनचेस्टर यूनाइटेड के स्टार्स का किया समर्थन

इंग्लैंड की विश्व कप टीम से कोल पामर, फिल फोडेन, हैरी मैगुइरे और ल्यूक शॉ जैसे फॉर्म में चल रहे बड़े नामों को बाहर रखे जाने पर काइल वॉकर ने मुख्य कोच के फैसले को आड़े हाथों लिया है। 'द सन' अखबार से विशेष बातचीत करते हुए वॉकर ने कहा, "हैरी मैगुइरे और ल्यूक शॉ ने इस साल मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए अपने करियर का शायद सबसे शानदार और बेहतरीन सीजन खेला है। इसके बावजूद वे विश्व कप की मुख्य टीम में शामिल नहीं हैं, जो वाकई हैरान करने वाला है। मेरा व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि ल्यूक शॉ और हैरी मैगुइरे दोनों ही खिलाड़ियों का इस विश्व कप टीम में होना बेहद जरूरी था।"

कमजोर डिफेंस पर उठाए सवाल: क्या चोटिल और आउट ऑफ फॉर्म खिलाड़ियों के भरोसे जीतेगा इंग्लैंड?

काइल वॉकर ने सिर्फ खिलाड़ियों को बाहर किए जाने पर ही नाराजगी नहीं जताई, बल्कि चुनी गई टीम की डिफेंसिव लाइन (रक्षा पंक्ति) पर भी गंभीर तकनीकी सवाल खड़े किए। उन्होंने कोच की रणनीति पर तंज कसते हुए आगे कहा, "अगर आप वर्तमान रक्षा पंक्ति को देखें... तो मुझे लगता है कि इसमें कई ऐसे खिलाड़ियों को शामिल कर लिया गया है जिनका प्रदर्शन हाल के दिनों में या तो बेहद साधारण रहा है या फिर वे पूरी तरह फिट नहीं हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या आप विश्व कप जैसे महामंच के नॉकआउट और सबसे दबाव वाले मैचों में इन चोटिल खिलाड़ियों पर पूरी तरह भरोसा कर सकते हैं? एक पूर्व खिलाड़ी के तौर पर यहीं पर मैं कुछ चयनों पर सवाल उठाता हूं, हालांकि दिन के अंत में टीम के मैनेजर थॉमस ट्यूशेल ही हैं और फैसला उनका है।"

ग्रुप-एल में क्रोएशिया से महाटक्कर, आसान नहीं होगा नॉकआउट का सफर

इंग्लैंड की टीम फीफा विश्व कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत एक बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण मुकाबले के साथ करने जा रही है। ग्रुप एल (Group L) में मौजूद इंग्लैंड का पहला ही मैच 18 जून को प्रतिष्ठित एटीएंडटी स्टेडियम में 2018 की उपविजेता क्रोएशियाई टीम से होगा। क्रोएशिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अभियान की शुरुआत करना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होने वाला है। इस ग्रुप में क्रोएशिया के अलावा घाना और पनामा जैसी अप्रत्याशित और आक्रामक टीमें भी शामिल हैं। अगर इंग्लैंड को इस कठिन ग्रुप से निकलकर नॉकआउट स्टेज तक पहुंचना है, तो टीम को बिना किसी आंतरिक विवाद के मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा, जो मौजूदा हालात को देखते हुए एक बड़ी चुनौती नजर आ रहा है।

 

 

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