संजू सैमसन के साथ नाइंसाफी और अभिषेक शर्मा पर मेहरबानी क्यों, टीम इंडिया में भेदभाव पर भड़के दिग्गज
भारतीय क्रिकेट टीम में इन दिनों खिलाड़ियों के चयन और उन्हें दिए जा रहे मौकों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। जिम्बाब्वे दौरे पर टीम इंडिया के युवा ओपनर अभिषेक शर्मा के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद क्रिकेट फैंस और एक्सपर्ट्स दोनों ही भड़के हुए हैं।
एक तरफ जहां लगातार फ्लॉप होने के बावजूद अभिषेक शर्मा को मौके मिल रहे हैं, वहीं टी20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। वैभव सूर्यवंशी की एंट्री के बाद सैमसन की वापसी और भी मुश्किल नजर आ रही है। इस कथित भेदभाव पर अब पूर्व क्रिकेटर कृष्णामाचारी श्रीकांत और हनुमा विहारी ने तीखे सवाल उठाए हैं।
अभिषेक शर्मा का लगातार फ्लॉप शो
युवा और आक्रामक बल्लेबाज माने जाने वाले अभिषेक शर्मा के लिए हालिया दौरे किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ 3 मैचों की टी20 सीरीज में यह खब्बू बल्लेबाज महज 11 रन ही बना सका। उनका बल्ला सिर्फ जिम्बाब्वे ही नहीं, बल्कि इंग्लैंड दौरे पर भी खामोश रहा था। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में एक अर्धशतक लगाने के बाद उनकी अगली चार पारियां 43, 10, 16 और 3 रनों की रहीं।
आयरलैंड के खिलाफ भी कहानी कुछ ऐसी ही थी, जहां पहले मैच में उन्होंने 49 रन बनाए, लेकिन दूसरे मैच में वह अपना खाता तक नहीं खोल पाए। टी20 वर्ल्ड कप में भी उनका प्रदर्शन औसत दर्जे का ही रहा था, जहां उन्होंने 8 पारियों में 2 फिफ्टी की मदद से 141 रन बनाए। पिछले 10 मैचों के आंकड़े देखें तो उनके बल्ले से सिर्फ एक अर्धशतक निकला है और वह बमुश्किल दो बार 30 रन का आंकड़ा पार कर पाए हैं।
वर्ल्ड कप के 'हीरो' संजू सैमसन दरकिनार
अभिषेक शर्मा के विपरीत, संजू सैमसन ने टी20 वर्ल्ड कप में अपने बल्ले से आग उगली थी। उन्होंने 5 पारियों में 80 से ज्यादा की शानदार औसत से 321 रन ठोके थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम वर्चुअल क्वार्टर फाइनल के अलावा, सेमीफाइनल और फाइनल जैसे हाई-प्रेशर मैचों में सैमसन ने बेहतरीन पारियां खेलकर भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
इतने शानदार प्रदर्शन के बाद भी आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें सिर्फ 2-2 मैच खेलने को मिले, जहां वह बड़ा स्कोर नहीं बना पाए। इसके तुरंत बाद उन्हें जिम्बाब्वे दौरे से ही ड्रॉप कर दिया गया, जिसे लेकर अब क्रिकेट पंडितों का गुस्सा फूट पड़ा है।
श्रीकांत ने पूछा- अभिषेक को मौके, संजू को क्यों नहीं?
पूर्व भारतीय चयनकर्ता और दिग्गज खिलाड़ी कृष्णामाचारी श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस मुद्दे को बेबाकी से उठाया है। उन्होंने साफ कहा कि जब सैमसन वर्ल्ड कप के सबसे मूल्यवान खिलाड़ी (MVP) थे, तो उन्हें लगातार मौके क्यों नहीं मिल रहे हैं? श्रीकांत ने सवाल किया कि अभिषेक शर्मा को ज्यादा मौके दिए जा रहे हैं, लेकिन सैमसन को नहीं, आखिर एक खिलाड़ी के साथ ऐसा भेदभाव क्यों?
हालांकि, श्रीकांत ने सैमसन को भी एक अहम सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सैमसन को रन बनाने के लिए शुरुआत में थोड़ा समय लेना चाहिए। अगर वह क्रीज पर टिक जाते हैं, तो बाद में 200 की स्ट्राइक रेट से रन बनाकर आसानी से भरपाई कर सकते हैं। अपना विकेट जल्दी गंवाने से बेहतर है कि शुरुआत में कुछ गेंदें शांति से खेली जाएं।
हनुमा विहारी ने लगाई क्लास, कहा- अलग-अलग नियम क्यों?
टेस्ट विशेषज्ञ हनुमा विहारी ने भी अपने यूट्यूब चैनल पर संजू सैमसन का बचाव करते हुए सिस्टम पर कड़े प्रहार किए हैं। विहारी ने याद दिलाया कि वर्ल्ड कप से पहले खराब फॉर्म के कारण सैमसन को प्लेइंग 11 से बाहर कर दिया गया था, लेकिन जब उन्होंने वापसी की तो वह 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' बने।
विहारी ने सीधे आंकड़ों पर बात करते हुए कहा कि वर्ल्ड कप के तीन मैचों में सैमसन ने तीन फिफ्टी लगाई, जबकि अभिषेक का हालिया पांच मैचों में हाईएस्ट स्कोर सिर्फ 16 रन है। इंग्लैंड (UK) सीरीज में अभिषेक के बल्ले से एक अर्धशतक के अलावा कुछ नहीं निकला। पिछले 18 मैचों में अभिषेक ने सिर्फ तीन हाफ सेंचुरी लगाई हैं। विहारी ने सख्त लहजे में पूछा कि जब अभिषेक के इर्द-गिर्द इतनी हाइप बनाई जा रही है, तो सैमसन जैसे मैच विनर खिलाड़ी को 'इनकंसिस्टेंट' (लगातार अच्छा न खेलने वाला) क्यों कहा जाता है? दोनों खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग नियम क्यों बनाए जा रहे हैं?