मौत के मुंह से निकलकर विश्व कप के मंच पर छा गया यह मैक्सिकन स्टार: गम के बीच दागा भावुक कर देने वाला ऐतिहासिक गोल

मौत के मुंह से निकलकर विश्व कप के मंच पर छा गया यह मैक्सिकन स्टार: गम के बीच दागा भावुक कर देने वाला ऐतिहासिक गोल

खेल की दुनिया में कई ऐसी कहानियां होती हैं जो इंसान को अंदर तक झकझोर देती हैं और हौसले की एक नई मिसाल पेश करती हैं। फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के उद्घाटन मुकाबले में एक ऐसा ही अविश्वसनीय और बेहद भावुक कर देने वाला नजारा देखने को मिला, जिसने दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की आंखों को नम कर दिया। यह कहानी है मैक्सिको के स्टार स्ट्राइकर राउल जिमेनेज (Raul Jimenez) की, जिन्होंने पिछले छह सालों में न केवल मौत को बेहद करीब से मात दी, बल्कि हाल ही में अपने पिता को खोने के गहरे सदमे से उबरकर विश्व कप के महामंच पर इतिहास रच दिया। स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट वरुण मलिक की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कैसे एक खिलाड़ी ने जिंदगी के सबसे काले दौर से गुजरने के बाद अपनी टीम को विश्व कप के पहले ही मैच में एक यादगार और ऐतिहासिक जीत दिलाई।

छह साल पहले मैदान पर ही थश गई थीं सांसें, आर्सेनल के खिलाफ मैच में टूटी थी खोपड़ी की हड्डी

राउल जिमेनेज के लिए इस मुकाम तक पहुंचने का सफर किसी चमत्कार से कम नहीं रहा है। ईएफएल चैम्पियनशिप क्लब वॉल्व्स (Wolverhampton Wanderers) के लिए खेलने वाले जिमेनेज साल 2020 में प्रीमियर लीग के दौरान आर्सेनल के खिलाफ एक मुकाबले में बेहद भयानक हादसे का शिकार हो गए थे। मैच के दौरान आर्सेनल के डिफेंडर डेविड लुइज़ से उनकी इतनी जोरदार टक्कर हुई कि जिमेनेज की खोपड़ी में गंभीर फ्रैक्चर (Skull Fracture) हो गया और उनके मस्तिष्क में गहरी चोट आई। वह मैदान पर ही बेहोश हो गए थे और उनकी जान पर बन आई थी। डॉक्टरों के मुताबिक वह एक जानलेवा स्थिति थी, लेकिन आठ महीने के लंबे इलाज, सर्जरी और अपनी फौलादी इच्छाशक्ति के दम पर उन्होंने न केवल नई जिंदगी पाई, बल्कि वॉल्व्स के लिए दोबारा मैदान पर वापसी भी की।

मार्च 2026 में सिर से उठा पिता का साया, दुखों के पहाड़ के बीच फीफा विश्व कप में उतारा हौसला

मौत को मात देकर मैदान पर लौटे जिमेनेज के जीवन में दुखों का सिलसिला यहीं नहीं थमा। इसी साल मार्च 2026 में उनके पिता का अचानक निधन हो गया, जिसने इस खिलाड़ी को मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़कर रख दिया। एक तरफ पिता को खोने का असह्य दर्द था और दूसरी तरफ दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल टूर्नामेंट। लेकिन जिमेनेज ने हिम्मत नहीं हारी और जेवियर अगुइरे की मैक्सिकन टीम के साथ फीफा विश्व कप 2026 में उतरे। मैक्सिको सिटी के ऐतिहासिक एस्टाडियो एज़्टेका स्टेडियम में अपने घरेलू प्रशंसकों के सामने जब वह खेलने उतरे, तो उनके दिल में अपने दिवंगत पिता के लिए कुछ कर गुजरने की तड़प साफ दिखाई दे रही थी।

गोल दागकर आसमान की तरफ उठाए हाथ, पिता को याद कर फूट-फूटकर रोने लगा यह दिग्गज स्ट्राइकर

दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के खिलाफ खेले गए इस बेहद रोमांचक मैच के 67वें मिनट में वह ऐतिहासिक पल आया, जिसका इंतजार जिमेनेज सालों से कर रहे थे। रॉबर्टो अल्वाराडो ने खेल के दौरान एक बेहद सटीक और शानदार क्रॉस हवा में उछाला। गोल पोस्ट के ठीक सामने मुस्तैद खड़े जिमेनेज ने गजब की चपलता दिखाते हुए दक्षिण अफ्रीकी गोलकीपर रॉनवेन विलियम्स को छकाकर एक जोरदार हेडर मारा और गेंद को सीधे नेट के अंदर पहुंचा दिया। विश्व कप के अपने चौथे संस्करण (2014, 2018, 2022 और 2026) में यह जिमेनेज का पहला वर्ल्ड कप गोल था। गोल होते ही जिमेनेज भावनाओं के ज्वार को रोक नहीं पाए और मैदान पर ही फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने आसमान की तरफ दोनों हाथ उठाकर अपना यह ऐतिहासिक गोल अपने दिवंगत पिता को समर्पित किया, जिसे देखकर स्टेडियम में मौजूद हजारों प्रशंसकों के रोंगटे खड़े हो गए।

रेड कार्ड के ड्रामे के बीच मैक्सिको ने दक्षिण अफ्रीका को रौंदा, जूलियन क्विनोन्स ने भी किया कमाल

इस उद्घाटन मुकाबले में खेल के साथ-साथ मैदान पर जबरदस्त ड्रामा और तनाव भी देखने को मिला। मुकाबले के दौरान रेफरी द्वारा कई खिलाड़ियों को रेड कार्ड दिखाए गए। दक्षिण अफ्रीका की टीम 'बाफना बाफना' को उस समय बड़ा झटका लगा जब उनके दो मुख्य खिलाड़ी याया सिथोले और थेम्बा ज़वाने को मैदान पर खराब व्यवहार के कारण रेड कार्ड दिखाकर बाहर भेज दिया गया। इसके बाद मैच के उत्तरार्ध में मैक्सिको के कप्तान सेसार मोंटेस को भी रेड कार्ड का सामना करना पड़ा और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। मैच की बात करें तो खेल के नौवें मिनट में ही जूलियन क्विनोन्स ने दक्षिण अफ्रीकी गोलकीपर विलियम्स की एक बहुत बड़ी और ब्लंडर मिस्टेक का फायदा उठाते हुए टूर्नामेंट का पहला गोल दागकर मैक्सिको को 1-0 से आगे कर दिया था, जिसके बाद जिमेनेज के इस भावुक हेडर गोल ने मैक्सिको की 2-0 से शानदार जीत पर अंतिम मुहर लगा दी।

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