इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए संकटमोचन बनेगा ये खिलाड़ी, जानता है डरहम मैदान का कोना कोना

इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए संकटमोचन बनेगा ये खिलाड़ी, जानता है डरहम मैदान का कोना कोना

Eng vs Ind के बीच होने वाली सीरीज का पहला मैच चेस्टर-ली-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड में खेला जाएगा। यह मैदान इंग्लैंड के पुराने और चर्चित मैदानों में शामिल है। खास बात यह है कि यह जगह भारतीय क्रिकेट के एक प्रमुख खिलाड़ी के लिए भी जाना-पहचाना रहा है। इससे मुकाबले को लेकर चर्चा और बढ़ गई है।

काउंटी क्रिकेट का अनुभव बना अक्षर पटेल की ताकत

भारतीय ऑलराउंडर अक्षर पटेल इस मैदान और यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं। उन्होंने इंग्लैंड की घरेलू काउंटी क्रिकेट में डरहम काउंटी क्लब के लिए खेला है।

2018 में अक्षर ने डरहम के साथ अनुबंध किया था। इस दौरान उन्होंने कई फर्स्ट क्लास मैच खेले। रिवरसाइड ग्राउंड पर उनका अनुभव काफी गहरा है। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में नाबाद 95 रन भी बनाए थे। गेंदबाजी में भी उन्होंने अच्छी छाप छोड़ी थी।

इंग्लैंड की तेज हवा और पिच की चाल को समझने में उनकी जानकारी टीम के लिए उपयोगी मानी जा रही है।

डरहम से जुड़े भारतीय खिलाड़ियों की खास सूची

डरहम काउंटी क्रिकेट क्लब के इतिहास में बहुत कम भारतीय खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिला है। अब तक केवल तीन भारतीय खिलाड़ी इस टीम का हिस्सा रहे हैं। जवागल श्रीनाथ ने 2003 में डरहम के लिए खेला था। उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से टीम को मजबूती दी। इसी मैदान पर उन्होंने अपने फर्स्ट क्लास करियर का अंत भी किया।

वरुण एरोन ने 2014 में डरहम का प्रतिनिधित्व किया। उनकी तेज गेंदबाजी को इंग्लैंड की पिचों पर काफी मदद मिली।

अक्षर पटेल 2018 में इस सूची में शामिल हुए। वह वर्तमान भारतीय टीम के एकमात्र सक्रिय खिलाड़ी हैं जिन्होंने डरहम के लिए खेला है।

इंग्लैंड की परिस्थितियों में रणनीति का असर

इंग्लैंड में खेलना स्पिन गेंदबाजों के लिए आसान नहीं माना जाता। यहां की पिचें तेज गेंदबाजों को ज्यादा मदद देती हैं। हवा के कारण गेंद में स्विंग भी देखने को मिलता है।

ऐसे माहौल में अक्षर पटेल का अनुभव काफी अहम हो सकता है। उन्हें पता है कि इस मैदान पर गेंद किस तरह व्यवहार करती है। किस लेंथ और गति से गेंदबाजी करनी चाहिए, यह समझ उन्हें काउंटी क्रिकेट से मिली है।

बल्लेबाजी में भी उनका योगदान उपयोगी हो सकता है। निचले क्रम में वे टीम को स्थिरता और अतिरिक्त रन देने में मदद कर सकते हैं।

टीम इंडिया को कैसे मिल सकता है फायदा

पहले मैच में जब भारतीय टीम मैदान पर उतरेगी तो अनुभव बड़ा रोल निभा सकता है। अक्षर पटेल की स्थानीय परिस्थितियों की समझ टीम की रणनीति को मजबूत कर सकती है।

रिवरसाइड ग्राउंड की पिच और मौसम को लेकर उनकी जानकारी कप्तान और कोचिंग स्टाफ के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। इससे भारत को शुरुआती मुकाबले में बढ़त मिलने की संभावना बढ़ जाती है।