थॉमस ट्यूशेल का महाविस्फोट: फीफा विश्व कप 2026 के लिए इंग्लैंड टीम घोषित, पामर, फोडेन और ट्रेंट को किया दूध की मक्खी की तरह बाहर
फीफा विश्व कप 2026 के आगाज से ठीक पहले फुटबॉल जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। इंग्लैंड फुटबॉल टीम के मुख्य कोच थॉमस ट्यूशेल ने आगामी वर्ल्ड कप के लिए इंग्लैंड की अंतिम स्क्वाड का ऐलान कर दिया है। लेकिन इस टीम चयन ने पूरी दुनिया के फुटबॉल पंडितों और फैंस को हैरत में डाल दिया है। कोच ट्यूशेल ने एक बेहद कड़ा और अप्रत्याशित रुख अपनाते हुए वर्तमान समय के सबसे बड़े स्टार्स कोल पामर, फिल फोडेन और ट्रेंट अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड जैसे दिग्गजों को विश्व कप की टीम से पूरी तरह बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ट्यूशेल के इस निर्दयी फैसले ने सोशल मीडिया से लेकर कूटनीतिक गलियारों तक एक नई बहस छेड़ दी है।
बड़े नामों की छुट्टी: मैगुइरे ने जताई निराशा, ट्रेंट की जगह नए चेहरों पर दांव
कोच थॉमस ट्यूशेल ने टीम का चयन करते समय साख और बड़े नामों के बजाय वर्तमान फॉर्म और अपने रणनीतिक प्लान को तवज्जो दी है। यही वजह है कि ट्रेंट अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड जैसे बेहतरीन फुल-बैक को ड्रॉप करके टिनो लिवरामेंटो और जेड स्पेंस को टीम में जगह दी गई है। वहीं, अनुभवी डिफेंडर हैरी मैगुइरे को भी टीम में शामिल नहीं किया गया है, जिसके बाद उन्होंने टूर्नामेंट से बाहर होने पर सार्वजनिक रूप से अपनी गहरी निराशा और गुस्सा व्यक्त किया है। इसके अलावा ल्यूक शॉ, एडम व्हार्टन और मॉर्गन गिब्स-व्हाइट भी ट्यूशेल का भरोसा जीतने में पूरी तरह नाकाम रहे। हालांकि, मैनचेस्टर सिटी के स्टार जॉन स्टोन्स चोटों से परेशान रहने के बावजूद डैन बर्न के साथ डिफेंस लाइन में अपनी जगह बचाने में कामयाब रहे हैं।
ओली वाटकिंस और इवान टोनी की धमाकेदार वापसी, सऊदी से आया बुलावा
आक्रमण पंक्ति यानी फॉरवर्ड लाइन की बात करें तो ओली वाटकिंस ने इंग्लैंड की टीम में एक शानदार और किंग साइज वापसी की है। एस्टन विला के लिए इस सीजन में धाकड़ 10 गोल दागने का इनाम उन्हें वर्ल्ड कप टिकट के रूप में मिला है। उनके साथ ही सऊदी प्रो लीग में तहलका मचा रहे इवान टोनी की भी टीम में वापसी हुई है। अब इंग्लैंड की टीम कप्तान हैरी केन, ओली वाटकिंस और इवान टोनी के रूप में ठीक उसी तरह तीन मुख्य सेंटर-स्ट्राइकरों के साथ मैदान पर उतरेगी, जैसा उन्होंने यूरो 2024 के दौरान किया था।
ट्यूशेल ने तोड़ी चुप्पी: बताया क्यों लिए इतने कड़े और खौफनाक फैसले
टीम से फिल फोडेन, कोल पामर और जारोड बोवेन जैसे रचनात्मक और मैच विनर खिलाड़ियों को बाहर रखने पर कोच थॉमस ट्यूशेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर बात की। उन्होंने कहा, "पिछले तीन दिनों में मैंने बहुत सारे फोन कॉल किए हैं और कई बेहद कठिन फैसले लेने पड़े हैं। इस वक्त मैं राहत और उत्साह के मिले-जुले भाव से गुजर रहा हूं। जब एक बार कड़े फैसले हो जाते हैं, तो टीम में स्पष्टता आती है। मुझे ऐसे कठिन फैसले लेना पसंद है क्योंकि ये अंत में टीम को एक दृढ़ता देते हैं।"
जर्मन कोच ट्यूशेल ने आगे कहा, "हमें यह देखना था कि हम वास्तव में किस पर सबसे ज्यादा भरोसा कर सकते हैं? हमारे लिए किसने मैदान पर परिणाम लाकर दिए हैं? सितंबर के महीने से किसने टीम की संस्कृति का निर्माण किया और मानक तय किए? हमने उन्हीं खिलाड़ियों पर दांव लगाया है क्योंकि टीम में आपसी जुड़ाव का होना सबसे ज्यादा जरूरी है।" ट्यूशेल ने फोडेन और पामर की जगह नोनी माडुएके, एंथोनी गॉर्डन और एबेरेची एज़े के युवाओं पर भरोसा जताया है, जबकि मिडफील्ड में कोबी मैनू और अनुभवी जॉर्डन हेंडरसन को तरजीह दी गई है।
ग्रुप एल में इन देशों से टकराएगा इंग्लैंड
संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेले जाने वाले इस महाकुंभ में इंग्लैंड को ग्रुप एल (Group L) में रखा गया है। इस ग्रुप में इंग्लैंड का सामना क्रोएशिया, घाना और पनामा जैसी मजबूत और उलटफेर करने में माहिर टीमों से होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि ट्यूशेल की यह 'बिना फोडेन-पामर' वाली नई सेना विश्व कप की ट्रॉफी घर ला पाती है या नहीं।