Vaibhav Suryavanshi Team India Prospect: IPL 2026 में 234 के स्ट्राइक रेट से तबाही मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी पर अजीत अगरकर का बड़ा फैसला, खुल गया वाइट बॉल क्रिकेट का फ्यूचर प्लान
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के मौजूदा सीजन में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने वाले राजस्थान रॉयल्स के युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इन दिनों हर तरफ छाए हुए हैं। महज 12 मैचों में 234.78 के हैरतअंगेज स्ट्राइक रेट से 486 रन कूटकर इस सीजन के आठवें सबसे सफल बल्लेबाज बने वैभव को लेकर क्रिकेट गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं कि उन्हें तुरंत टीम इंडिया की सीनियर टीम में शामिल किया जाना चाहिए। इस बीच, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वैभव सूर्यवंशी के भविष्य और वाइट बॉल क्रिकेट (सीमित ओवरों के प्रारूप) में उनकी भूमिका को लेकर बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण खुलासा किया है।
शानदार फॉर्म के बाद भी क्यों अभी करना होगा सीनियर टीम का इंतजार, अगरकर ने समझाया गणित
वैभव सूर्यवंशी की इस तेजी से बढ़ती लोकप्रियता और सीनियर टीम में एंट्री की अटकलों पर विराम लगाते हुए मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने साफ किया कि इस होनहार किशोर खिलाड़ी का प्रदर्शन वाकई बेहद प्रभावशाली है, लेकिन वनडे या टी20 जैसी सीनियर राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए उन्हें अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। चयन समिति का मानना है कि इस उच्च स्तर पर तत्काल पदोन्नति देने के बजाय अनुभव एक निर्णायक कारक बना हुआ है।
हालांकि, चयनकर्ताओं ने वैभव के टैलेंट को पूरी तरजीह दी है और यही वजह है कि उन्हें श्रीलंका में होने वाली आगामी त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए 'भारतीय ए' (India A) टीम में जगह दे दी गई है। अगरकर ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी ने निश्चित रूप से बहुत अच्छा काम किया है और वह भविष्य में भारत की सीमित ओवरों की योजनाओं का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
यशस्वी जायसवाल से है कड़ी टक्कर, रेस में पहले से ही कई धाकड़ मौजूद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब मुख्य चयनकर्ता से वैभव के इम्पैक्ट को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "वैभव सूर्यवंशी ने शानदार खेल दिखाया है, लेकिन हमें टीम में पहले से मौजूद यशस्वी जायसवाल जैसे स्थापित खिलाड़ियों को भी नहीं भूलना चाहिए। वैभव जितने प्रभावशाली दिख रहे हैं, जायसवाल ने भी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर खुद को साबित किया है।"
अगरकर के इस बयान से साफ है कि वैभव को सीनियर टीम के ओपनिंग स्लॉट में जगह बनाने के लिए तगड़ी प्रतिस्पर्धा से गुजरना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि वैभव इंडिया ए टीम के दौरे पर भी अपने इस आक्रामक फॉर्म को जारी रखेंगे, जिससे भविष्य के लिए उनके दरवाजे पूरी तरह खुल सकें।
अफगानिस्तान टेस्ट से होगी लाल गेंद की शुरुआत, 2018 का इतिहास दोहराने की तैयारी
युवा खिलाड़ियों की चर्चा के बीच भारतीय क्रिकेट टीम का ध्यान अब अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच पर केंद्रित हो रहा है। पिछले साल घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद टेस्ट प्रारूप में टीम इंडिया का यह पहला मुकाबला होगा। भले ही यह टेस्ट मैच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) चक्र का हिस्सा नहीं है, लेकिन इसके बाद भारत को श्रीलंका और न्यूजीलैंड जैसे महत्वपूर्ण देशों के दौरे करने हैं, जिसके लिहाज से तैयारी का यह एक बेहतरीन मौका है।
इतिहास की बात करें तो भारत और अफगानिस्तान की टीमें टेस्ट क्रिकेट में अब तक सिर्फ एक बार, साल 2018 में बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में आमने-सामने आई थीं। उस मुकाबले में टीम इंडिया ने महज दो दिनों के भीतर अफगानिस्तान को एक पारी और 262 रनों के विशाल अंतर से मात दी थी।
वाइट बॉल टीम में तीन नए गेंदबाजों की एंट्री, रोहित और हार्दिक की फिटनेस पर नजर
अफगानिस्तान टेस्ट के बाद होने वाले सीमित ओवरों के मुकाबलों के लिए भारतीय चयनकर्ताओं ने गेंदबाजी विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए प्रिंस यादव, गुरनूर बराड़ और हर्ष दुबे जैसे नए और युवा चेहरों को पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया है। हालांकि, टीम के बल्लेबाजी क्रम में ज्यादा छेड़छाड़ नहीं की गई है। कप्तान शुभमन गिल के साथ सीनियर खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली अपनी जगह बरकरार रखने में सफल रहे हैं।
चयन समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या का टीम में अंतिम रूप से बने रहना उनकी फिटनेस मंजूरी पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, धमाकेदार ओपनर यशस्वी जायसवाल को फिलहाल टीम में सलामी बल्लेबाज के तौर पर मुख्य बैकअप विकल्प के रूप में शामिल किया गया है।