2027 के लिए BJP का मास्टरप्लान, जानें नई राष्ट्रीय टीम में यूपी को क्यों दी गई सबसे ज्यादा तवज्जो
आम चुनावों के नतीजों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने सांगठनिक ढांचे को नए सिरे से धार देना शुरू कर दिया है। पिछले आम चुनाव में राज्य की 80 लोकसभा सीटों में से पार्टी का आंकड़ा 62 से सिमटकर 33 पर आ गया था और मत प्रतिशत में भी भारी गिरावट दर्ज की गई थी।
इस चुनावी झटके के बाद संगठन और प्रशासन के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए केंद्रीय स्तर पर व्यापक बदलाव किए गए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नवगठित राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा तरजीह दी गई है ताकि 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत जमीन तैयार की जा सके।
नई टीम में उत्तर प्रदेश से आठ नेताओं को मिली जगह
राष्ट्रीय स्तर पर घोषित नई कार्यकारिणी में यूपी से कुल आठ चेहरों को शामिल किया गया है जो पिछली टीम के मुकाबले एक अधिक है। इस टीम में उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव स्तर पर दो-दो नेताओं को दायित्व सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदों पर भी उत्तर प्रदेश के नेताओं को कमान सौंपी गई है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार चुनाव हार चुके कुछ प्रमुख चेहरों को राष्ट्रीय संगठन में लाकर पार्टी ने उन्हें राज्य भर में संगठन विस्तार और जमीनी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का खुला समय दिया है।
युवा चेहरों को तरजीह और 2027 का रोडमैप
नई टीम की सबसे खास बात यह है कि पूर्व एएमयू कुलपति और दोबारा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने तारिक मंसूर को छोड़कर राज्य के बाकी सभी सात पदाधिकारी 55 वर्ष से कम आयु के हैं। यह कदम युवाओं और नई पीढ़ी के मतदाताओं के साथ सीधा संपर्क साधने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
पार्टी नेताओं का मानना है कि इन नियुक्तियों का प्राथमिक लक्ष्य 2027 में राज्य की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करना और आगे के लिए राजनीतिक अनुकूलता बनाना है।