यूपी में कितना है चीनी का एडवांस स्टॉक, मुख्यमंत्री योगी ने बताई सारी बात; जनता खुश
यूपी में चीनी की संभावित किल्लत और बढ़ती कीमतों की अटकलों पर विराम लगाते हुए चीफ मिनिस्टर ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। राजधानी लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कहा कि प्रदेश में चीनी का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आम जनता को किसी भी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
आंकड़ों के अनुसार यूपी में मासिक खपत करीब 4 लाख टन है, जबकि वर्तमान में राज्य के पास 28 लाख टन चीनी का मजबूत स्टॉक उपलब्ध है, जो अगले सात महीनों की जरूरतों को आसानी से पूरा करने के लिए काफी है।
अक्टूबर में पेराई सत्र शुरू होते ही 90 लाख टन अतिरिक्त उत्पादन का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश चीनी उत्पादन के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर है और न केवल अपनी घरेलू मांग पूरी कर सकता है, बल्कि पूरे देश को चीनी आपूर्ति करने में सक्षम है। उन्होंने जानकारी दी कि अक्टूबर माह में जब राज्य की चीनी मिलों का नया पेराई सत्र शुरू होगा, तब लगभग 90 लाख टन चीनी का अतिरिक्त उत्पादन किया जाएगा। इससे बाजार में आपूर्ति पूरी तरह सुचारू रहेगी और कीमतों पर नियंत्रण बना रहेगा।
अगले 6 महीनों में 1 लाख युवाओं को मिलेंगे सरकारी नियुक्ति पत्र
कृषि विभाग के 3,446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) और राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के 126 नवचयनित मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान मुख्यमंत्री ने रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान किया।
उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार आगामी छह महीनों के भीतर 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि हर सप्ताह विभिन्न चरणों में पारदर्शी ढंग से नियुक्ति पत्र बांटने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। अब तक मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को निष्पक्ष प्रक्रिया से रोजगार दिया जा चुका है।
2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था और वसूली तंत्र पर कड़ा प्रहार
पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले सरकारी नौकरियों के विज्ञापन जारी होते ही व्यापक स्तर पर वसूली का खेल शुरू हो जाता था। परिणाम स्वरूप भर्तियां वर्षों तक लटकी रहती थीं और युवाओं को अदालतों के चक्कर काटने पड़ते थे। वर्तमान शासन में चयन प्रणाली को पूरी तरह मेरिट आधारित और निष्पक्ष बनाया गया है, जिससे बिना किसी भेदभाव और भ्रष्टाचार के वास्तविक प्रतिभाओं को मौका मिल रहा है।