UP में आज चुनाव हुए तो किसकी बनेगी सरकार? सर्वे ने सपा-भाजपा के आंकड़ों से चौंकाया
उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो चुकी है। साढ़े नौ साल से सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी आमने-सामने हैं।
सियासी वादों और जुबानी तीरों के बीच जनता का मिजाज जानने के लिए इंडिया टुडे और सी-वोटर का नया देशव्यापी सर्वे सामने आया है। इस ताजा सर्वे के आंकड़ों ने भाजपा की चिंताएं बढ़ा दी हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने नई रणनीतिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, जबकि समाजवादी पार्टी के खेमे में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
दिल्ली की सत्ता की चाबी और यूपी का सियासी गणित
देश की सियासत में 80 लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश को सत्ता का मुख्य केंद्र माना जाता है। पिछले लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस के इंडिया गठबंधन ने ऐतिहासिक प्रदर्शन कर भाजपा को बड़ा झटका दिया था और केंद्र में उसके पूर्ण बहुमत के रास्ते को रोक दिया था। उस चुनाव में सपा को 37, कांग्रेस को 6, भाजपा को 33, रालोद को 2, अपना दल को 1 और आजाद समाज पार्टी को 1 सीट मिली थी। विपक्षी जीत को शुरुआती दौर में महज सियासी तुक्का बताने वालों के सामने अब नए सर्वे के आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।
6 महीने में 10 सीटों का नुकसान: क्यों बढ़ी भाजपा की बेचैनी?
सी-वोटर के ताजा सर्वे के अनुसार, अगर आज चुनाव होते हैं तो भाजपा को 34 सीटें मिलती दिख रही हैं, जो पिछले चुनाव से केवल एक सीट अधिक है। असल चिंता की वजह जनवरी का सर्वे है, जिसमें भाजपा को अकेले 44 सीटें मिलने का अनुमान था। यानी महज छह महीनों के भीतर भाजपा को सीधे 10 सीटों का भारी नुकसान होता दिख रहा है। एनडीए के सहयोगियों को 4 सीटें मिलने के अनुमान के बावजूद कुल आंकड़ा 38 पर ही सिमटता नजर आ रहा है, जो राज्य की आधी सीटों से भी कम है।