यूपी ब्यूरोक्रेसी में बड़े फेरबदल की तैयारी: राजस्व परिषद चेयरमैन समेत बदले जाएंगे कई जिलों के डीएम
उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। इस महीने के अंत तक शासन स्तर से लेकर जिलों तक एक बड़े नौकरशाही फेरबदल की पटकथा तैयार की जा रही है।
मौजूदा राजस्व परिषद चेयरमैन और 1990 बैच की सीनियर आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल का कार्यकाल इसी महीने समाप्त हो रहा है। उनके रिटायरमेंट की तारीख नजदीक आते ही लखनऊ के सत्ता के केंद्र यानी सचिवालय में नए राजस्व परिषद चेयरमैन के नाम को लेकर चर्चाएं अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं।
बीएल मीणा को मिल सकती है राजस्व परिषद और परिवहन विभाग की कमान
शासन के उच्च पदस्थ सूत्रों के संकेत के अनुसार, 1991 बैच के सीनियर आईएएस अधिकारी बीएल मीणा राजस्व परिषद के नए चेयरमैन की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। मौजूदा समय में अर्चना अग्रवाल के पास राजस्व परिषद के साथ-साथ अपर मुख्य सचिव (परिवहन) का भी प्रभार है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार बीएल मीणा को राजस्व परिषद के साथ परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंप सकती है।
अगले महीने तय होंगे नए APC और IIDC, इन सीनियर अफसरों के नाम रेस में आगे
प्रशासनिक बदलावों का यह सिलसिला सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रहने वाला है। अक्टूबर महीने में कृषि उत्पादन आयुक्त (APC) और अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) के दोहरे पद संभाल रहे सीनियर आईएएस दीपक कुमार भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इन दो सबसे ताकतवर पदों को भरने के लिए 1992 और 1993 बैच के अधिकारियों के नामों पर विचार चल रहा है। कृषि उत्पादन आयुक्त पद के लिए 1992 बैच के आईएएस अनुराग श्रीवास्तव सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं, वहीं प्रदेश में उद्योगों और निवेश की कमान संभालने वाले आईआईडीसी पद के लिए 1993 बैच के आईएएस आलोक कुमार का नाम सबसे आगे चल रहा है।
अपर मुख्य सचिव रैंक के कई अधिकारियों के विभागों में होगा बदलाव
राजस्व परिषद में नए मुखिया की ताजपोशी के साथ-साथ शासन स्तर पर अपर मुख्य सचिव (ACS) रैंक के कई बड़े अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव की तैयारी है। इस सूची में मुख्य रूप से ऐसे अधिकारी शामिल हैं, जो लंबे समय से एक ही विभाग में जमे हुए हैं। सरकार रिटायर हो रहे वरिष्ठ अधिकारियों की जगह ऊर्जावान और रणनीतिक रूप से अहम अफसरों को नई जिम्मेदारियां देकर शासन की प्राथमिकताओं को गति देने की योजना बना रही है।
जिलों के कप्तानों पर भी गिरेगी गाज, युवा आईएएस अफसरों को मिलेगा डीएम बनने का मौका
शासन स्तर के बड़े फेरबदल का सीधा असर जिलों की कमान पर भी दिखाई देगा। कई जिलों में लंबे समय से तैनात जिलाधिकारियों (DM) को हटाया जा सकता है। सरकार विकास परियोजनाओं की जमीनी रफ्तार और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को देखते हुए नए चेहरों पर दांव लगाने का मन बना रही है। इस आगामी तबादला सूची में 2012, 2013 और 2014 बैच के अधिकारियों को बड़े जिलों की कमान सौंपी जा सकती है, जबकि 2017 बैच के कुछ युवा अफसरों को पहली बार कलेक्ट्रेट का जिम्मा मिलने की पूरी संभावना है।
इस साल इन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का पूरा हो रहा है कार्यकाल
उत्तर प्रदेश कैडर के कई प्रमुख आईएएस अफसर इस वर्ष अपनी सेवाओं से निवृत्त हो रहे हैं। इनमें अर्चना अग्रवाल इसी महीने सेवानिवृत्त हो रही हैं, जबकि 1990 बैच के दीपक कुमार का कार्यकाल अक्टूबर में समाप्त हो रहा है। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात सीनियर अधिकारी कामरान रिजवी भी अक्टूबर में ही रिटायर होने जा रहे हैं। वहीं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष दिसंबर में सेवामुक्त होंगे। इतने बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों के एक के बाद एक रिटायर होने से प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में बड़े पैमाने पर नए समीकरण बनने जा रहे हैं।