BSP में तगड़ा फेरबदल: मायावती ने इन 4 बड़े राज्यों से हटाया अपना प्रभार, आकाश आनंद के रोल पर भी तोड़ी चुप्पी
उत्तर प्रदेश विधानसभा इलेक्शन की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संगठन में महत्वपूर्ण फेरबदल किया है।
उन्होंने अपने समधी और पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक सिद्धार्थ से दिल्ली, केरल, गुजरात और कर्नाटक का प्रभार वापस ले लिया है। अशोक सिद्धार्थ, बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद के ससुर हैं। इससे पहले भी मायावती ने अनुशासनहीनता के आरोप में उन्हें पार्टी से निष्कासित किया था, हालांकि बाद में उन्हें और आकाश आनंद को दोबारा पार्टी में शामिल कर लिया गया था।
यूपी चुनाव से पहले BSP में बड़ी हलचल
दल में बदलाव के तहत राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को अन्य राज्यों के साथ पंजाब का प्रभार भी सौंपा गया है। वह आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के साथ-साथ अगले लोकसभा चुनाव तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे।
इस बीच पूर्व महिला सीएम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर आकाश आनंद की भूमिका को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी महत्वपूर्ण फैसले, उम्मीदवारों का चयन और राज्य स्तरीय बैठकों से जुड़े निर्णय केवल वही लेती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद का पार्टी में कद बढ़ाने या घटाने जैसी कोई बात नहीं है और उम्मीदवारों के चयन में उनकी स्वतंत्र भूमिका नहीं है।
मायावती ने बताया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया उनके सीधे निर्देशन में चल रही है। उन्होंने कहा कि अब तक दो दर्जन से अधिक संभावित उम्मीदवारों का साक्षात्कार लेकर उनके नाम तय किए जा चुके हैं और आगे भी अंतिम निर्णय वही लेंगी। जिन सीटों पर उम्मीदवार तय हो चुके हैं, वहां पार्टी के वरिष्ठ नेता उनकी अनुमति से जनसभाओं के माध्यम से उम्मीदवारों की घोषणा कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर आकाश आनंद भी पार्टी की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक वर्ष से संगठन की समीक्षा, बैठकों और जनसभाओं के लिए आकाश आनंद को उन्होंने ही जिम्मेदारी दी है और वह ईमानदारी से अपना दायित्व निभा रहे हैं। मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने तथा संगठन के आधिकारिक निर्णयों पर ही भरोसा करने की अपील की।