यूपी चुनाव से पहले मायावती का चाबुक, कद्दावर नेता को पार्टी से किया निष्कासित

यूपी चुनाव से पहले मायावती का चाबुक, कद्दावर नेता को पार्टी से किया निष्कासित

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल अभी से गरमाने लगा है। राजनीतिक दल अपनी अपनी चुनावी चौसर बिछाने में जुट गए हैं। इसी बीच बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने अपनी पार्टी में कड़ा अनुशासन बनाए रखने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है।

गुरुवार को बसपा प्रमुख ने अपनी ही सरकार में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रहे अनंत कुमार मिश्रा उर्फ उंटू मिश्रा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई ने सूबे की सियासत में हलचल तेज कर दी है।

एक्स पर पोस्ट कर कार्यकर्ताओं को किया अलर्ट

इस बड़े संगठनात्मक फैसले की जानकारी मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विस्तार से दी। उन्होंने उंटू मिश्रा पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को विरोधियों की चालों से सतर्क रहने की नसीहत भी दी। बसपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि चुनाव नजदीक आते ही विरोधी दल प्रलोभन, रिश्वत और बंटवारे जैसी साजिशें रचेंगे। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे इन हथकंडों से बचकर रहें और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के अंबेडकरवादी मिशन को सफल बनाने के लिए पूरी ईमानदारी से जुट जाएं।

बसपा में पहले भी हो चुकी है बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक

चुनाव से पहले अनंत मिश्रा को बाहर का रास्ता दिखाना बसपा के लिए एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव माना जा रहा है। हालांकि यह कोई पहला मौका नहीं है जब मायावती ने इस तरह का सख्त एक्शन लिया हो। इससे पहले भी अनुशासनहीनता के आरोप में उन्होंने अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ पर भी गाज गिराई थी। इसके अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के पार्टी कोआर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को भी इसी तरह के आरोपों में पार्टी से निकाला जा चुका है।